{"_id":"6a4fb43f73729fadb60664be","slug":"36-roads-closed-and-63-transformers-out-of-order-due-to-torrential-rain-in-sirmaur-district-nahan-news-c-177-1-nhn1002-183033-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: सिरमौर जिला में मूसलाधार बारिश से 36 सड़कें बंद, 63 ट्रांसफार्मर ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: सिरमौर जिला में मूसलाधार बारिश से 36 सड़कें बंद, 63 ट्रांसफार्मर ठप
विज्ञापन
कालाअंब के मीरपुरकोटला में बरसात नाला बंद होने से उद्योग परिसर में भरा पानी। संवाद
एनएच समेत कई मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने से यातायात प्रभावित
कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग पर जलभराव से लगा जाम, दुकानों में घुसा गंदा पानी
मीरपुर कोटला में बंद बरसाती नाले से उद्योग परिसर में घुसा पानी
लोक निर्माण विभाग को अब तक 87 लाख रुपये का हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/कालाअंब/शिलाई/संगड़ाह/राजगढ़ (सिरमौर)। सिरमौर जिले में बुधवार रात से वीरवार शाम तक बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इस अवधि में 97 मिलीलीटर बारिश दर्ज की गई। मूसलाधार बारिश के कारण जिले में 36 सड़कें बंद हो गईं, जबकि पांवटा साहिब क्षेत्र में 63 बिजली ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित होने से कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई संपर्क मार्गों पर जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में फिसलन बढ़ने से लोगों का आवागमन जोखिमभरा हो गया। लगातार बारिश से नदियों और खड्डों का जलस्तर बढ़ने पर जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर के अनुसार, भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग के अधीन 36 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें संगड़ाह मंडल की आठ, शिलाई मंडल की 21, नाहन मंडल की छह और राजगढ़ मंडल की एक सड़क शामिल है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार विभाग को करीब 87 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। शिलाई उपमंडल के चांनपुरधार क्षेत्र में खाई में गिरने से एक बैल की मौत हो गई, जिससे पशुपालक को लगभग 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
विज्ञापन
कालाअंब के मीरपुर कोटला क्षेत्र में पुराने बरसाती नाले का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होने से इंडो हर्बल एक्स्ट्रैक्ट और लेवेंडर डेयरी पर जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। उद्योग संचालकों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी निजी भूमि का दावा करते हुए नाले में मिट्टी डालकर उसका रास्ता बंद कर दिया, जिससे बारिश का पानी उद्योग परिसरों और सड़क पर भर गया। प्रभावित उद्योगपतियों का कहना है कि न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
वीरवार की बारिश के बाद हालात गंभीर होने पर एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रभावित उद्योग के संचालक डॉ. डी सिंह ने कहा कि यदि समय रहते बरसाती नाले का प्राकृतिक प्रवाह बहाल नहीं किया गया तो मानसून के दौरान उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। कानूनगो छज्जूराम ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। एसडीएम राजीव सांख्यान ने कहा कि न्यायालय के आदेशों के अनुरूप पानी की निकासी बहाल करने की कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बारिश के कारण कालाअंब-त्रिलोकपुर संपर्क मार्ग पर जलभराव हो गया। सड़क पर पानी भरने से दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। सड़क किनारे बनी नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। लोगों का कहना है कि सब्जी मंडी के समीप ड्रेन की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है। उन्होंने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और ड्रेनों की नियमित सफाई की मांग की है।
बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। साथ ही संबंधित विभागों को सड़कों की बहाली, बिजली आपूर्ति और जल निकासी व्यवस्था जल्द सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
कालाअंब-त्रिलोकपुर मार्ग पर जलभराव से लगा जाम, दुकानों में घुसा गंदा पानी
मीरपुर कोटला में बंद बरसाती नाले से उद्योग परिसर में घुसा पानी
लोक निर्माण विभाग को अब तक 87 लाख रुपये का हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/कालाअंब/शिलाई/संगड़ाह/राजगढ़ (सिरमौर)। सिरमौर जिले में बुधवार रात से वीरवार शाम तक बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इस अवधि में 97 मिलीलीटर बारिश दर्ज की गई। मूसलाधार बारिश के कारण जिले में 36 सड़कें बंद हो गईं, जबकि पांवटा साहिब क्षेत्र में 63 बिजली ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित होने से कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई संपर्क मार्गों पर जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में फिसलन बढ़ने से लोगों का आवागमन जोखिमभरा हो गया। लगातार बारिश से नदियों और खड्डों का जलस्तर बढ़ने पर जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
विज्ञापन
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर के अनुसार, भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग के अधीन 36 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें संगड़ाह मंडल की आठ, शिलाई मंडल की 21, नाहन मंडल की छह और राजगढ़ मंडल की एक सड़क शामिल है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार विभाग को करीब 87 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। शिलाई उपमंडल के चांनपुरधार क्षेत्र में खाई में गिरने से एक बैल की मौत हो गई, जिससे पशुपालक को लगभग 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
विज्ञापन
कालाअंब के मीरपुर कोटला क्षेत्र में पुराने बरसाती नाले का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होने से इंडो हर्बल एक्स्ट्रैक्ट और लेवेंडर डेयरी पर जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। उद्योग संचालकों का आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी निजी भूमि का दावा करते हुए नाले में मिट्टी डालकर उसका रास्ता बंद कर दिया, जिससे बारिश का पानी उद्योग परिसरों और सड़क पर भर गया। प्रभावित उद्योगपतियों का कहना है कि न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
वीरवार की बारिश के बाद हालात गंभीर होने पर एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रभावित उद्योग के संचालक डॉ. डी सिंह ने कहा कि यदि समय रहते बरसाती नाले का प्राकृतिक प्रवाह बहाल नहीं किया गया तो मानसून के दौरान उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। कानूनगो छज्जूराम ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। एसडीएम राजीव सांख्यान ने कहा कि न्यायालय के आदेशों के अनुरूप पानी की निकासी बहाल करने की कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बारिश के कारण कालाअंब-त्रिलोकपुर संपर्क मार्ग पर जलभराव हो गया। सड़क पर पानी भरने से दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। सड़क किनारे बनी नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। लोगों का कहना है कि सब्जी मंडी के समीप ड्रेन की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है। उन्होंने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और ड्रेनों की नियमित सफाई की मांग की है।
बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। साथ ही संबंधित विभागों को सड़कों की बहाली, बिजली आपूर्ति और जल निकासी व्यवस्था जल्द सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

कालाअंब के मीरपुरकोटला में बरसात नाला बंद होने से उद्योग परिसर में भरा पानी। संवाद

कालाअंब के मीरपुरकोटला में बरसात नाला बंद होने से उद्योग परिसर में भरा पानी। संवाद