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करंट से मौत मामले में दर्ज हो गैर इरादतन हत्या का केस
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। टोका नागला में 16 वर्षीय हितेश की करंट लगने से मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई गई है। मांग को लेकर कुंडियों पंचायत का प्रतिनिधिमंडल डीएसपी से मिला। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में गैर इरादतन हत्या और बिजली चोरी की धाराओं को भी जोड़ा जाना चाहिए। कुंडियों पंचायत के पूर्व प्रधान रामेश्वर, अधिवक्ता शीशपाल चौधरी, राजेश कुमार, देवरथ, गौरव तथा पीड़ित परिजन अमरजीत सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि दो अक्तूबर को करंट से हितेश (16) पुत्र अमरजीत सिंह की दर्दनाक मौत हो गई थी। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए अवैध रूप से बिजली तार लगाए गए थे। खेलने के बाद घर लौटते समय हितेश इनकी चपेट में आ गया। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि किशोर की मौत मामले में राजनीतिक दबाव के चलते उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए था। उन्होंने जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी शिकायत डीएसपी पांवटा साहिब प्रमोद चौहान को सौंपी दी है। मांग की है कि मामले के जांच अधिकारी को बदला जाए। पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के धारा-304 एक की जगह पर गैर इरादतन हत्या (आईपीसी-304) व बिजली चोरी का मामला दर्ज कर जांच करें। ग्रामीणों की मानें तो इससे पहले कुछ लोगों को करंट लग चुका है। जंगली जानवर भी चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। मामले की उचित जांच होने पर इससे पूर्व वन्य प्राणी हत्या मामला भी दर्ज हो सकता है। उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के उनसे मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि युवक की मौत मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जांच के दौरान अन्य धाराएं भी लगाई जा सकती हैं।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। टोका नागला में 16 वर्षीय हितेश की करंट लगने से मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई गई है। मांग को लेकर कुंडियों पंचायत का प्रतिनिधिमंडल डीएसपी से मिला। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में गैर इरादतन हत्या और बिजली चोरी की धाराओं को भी जोड़ा जाना चाहिए। कुंडियों पंचायत के पूर्व प्रधान रामेश्वर, अधिवक्ता शीशपाल चौधरी, राजेश कुमार, देवरथ, गौरव तथा पीड़ित परिजन अमरजीत सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि दो अक्तूबर को करंट से हितेश (16) पुत्र अमरजीत सिंह की दर्दनाक मौत हो गई थी। फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए अवैध रूप से बिजली तार लगाए गए थे। खेलने के बाद घर लौटते समय हितेश इनकी चपेट में आ गया। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि किशोर की मौत मामले में राजनीतिक दबाव के चलते उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए था। उन्होंने जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी शिकायत डीएसपी पांवटा साहिब प्रमोद चौहान को सौंपी दी है। मांग की है कि मामले के जांच अधिकारी को बदला जाए। पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के धारा-304 एक की जगह पर गैर इरादतन हत्या (आईपीसी-304) व बिजली चोरी का मामला दर्ज कर जांच करें। ग्रामीणों की मानें तो इससे पहले कुछ लोगों को करंट लग चुका है। जंगली जानवर भी चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। मामले की उचित जांच होने पर इससे पूर्व वन्य प्राणी हत्या मामला भी दर्ज हो सकता है। उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के उनसे मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि युवक की मौत मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जांच के दौरान अन्य धाराएं भी लगाई जा सकती हैं।