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जनपद सिरमौर में पेयजल व्यवस्था व सड़कें बेहाल
Updated Fri, 14 Dec 2018 10:55 PM IST
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सिरमौर में लड़खड़ाई पेयजल व्यवस्था, सड़कें बेहाल
लोक मामले केंद्र की सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ खुलासा
पर्यावरण और स्वास्थ्य सूचकांक में बताया अग्रणी जिला
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिले में पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ सड़कों की हालत भी सही नहीं है। जिले में दोनों मूलभूत सुविधाओं के सुधार की जरूरत है। इसका खुलासा भारत सरकार की संस्था लोक मामले केंद्र (पब्लिक अफेयरस सेंटर) की सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में पर्यावरण और स्वास्थ्य सूचकांक में जिला सिरमौर को प्रदेश में अग्रणी बताया गया है। लोक मामले केंद्र के प्रतिनिधियों ने यह रिपोर्ट शुक्रवार को उपायुक्त सिरमौर के समक्ष रखी और सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भी चर्चा की। डीसी ललित जैन ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर जिले के विकास कार्यों का मूल्यांकन देश की प्रतिष्ठित संस्था लोक मामले केंद्र बंगलूरू से करवाया गया था, जिससे जिले में विकास के क्षेत्र में जिन मदों में कमी रह गई है, उन पर विशेष ध्यान देकर पूर्ण करने का प्रयास किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और अपने स्तर पर कमियों का आकलन करवाकर उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी पग उठाए जाना अपने आप में एक अनूठी पहल है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कार्यक्रम अधिकारी उदिता दत्ता और उनकी टीम द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर काफी कम है और दहेज उत्पीड़न के कारण महिलाओं की मृत्यु दर शून्य बताई गई है। इसके अतिरिक्त संस्थागत प्रसूति की दर जिला में काफी बेहतर है। जिले में दिव्यांगों को 100 फीसदी स्कूलों में दाखिला और शिक्षा प्रदान करने में जिला अग्रणी स्थिति में है। सर्वे के अनुसार जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर बताई गईं हैं। सर्वे के अनुसार जिले में पेयजल की स्थिति को सुधारने की काफी आवश्यकता है। इसके अलावा सर्वे रिपोर्ट में सड़कों की स्थिति में भी सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल व सड़कों के विकास संबंधी कमियों को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ प्रभावी ढंग से कदम उठाए जाएंगे। पेयजल प्रबंधन और सड़क को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर सहायक आयुक्त एसएस राठौर और कार्यक्रम अधिकारी पब्लिक अफेयर्स सेंटर बंगलूरू उदिता दत्ता और उनकी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
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लोक मामले केंद्र की सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ खुलासा
पर्यावरण और स्वास्थ्य सूचकांक में बताया अग्रणी जिला
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिले में पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ सड़कों की हालत भी सही नहीं है। जिले में दोनों मूलभूत सुविधाओं के सुधार की जरूरत है। इसका खुलासा भारत सरकार की संस्था लोक मामले केंद्र (पब्लिक अफेयरस सेंटर) की सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में पर्यावरण और स्वास्थ्य सूचकांक में जिला सिरमौर को प्रदेश में अग्रणी बताया गया है। लोक मामले केंद्र के प्रतिनिधियों ने यह रिपोर्ट शुक्रवार को उपायुक्त सिरमौर के समक्ष रखी और सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भी चर्चा की। डीसी ललित जैन ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर जिले के विकास कार्यों का मूल्यांकन देश की प्रतिष्ठित संस्था लोक मामले केंद्र बंगलूरू से करवाया गया था, जिससे जिले में विकास के क्षेत्र में जिन मदों में कमी रह गई है, उन पर विशेष ध्यान देकर पूर्ण करने का प्रयास किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और अपने स्तर पर कमियों का आकलन करवाकर उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी पग उठाए जाना अपने आप में एक अनूठी पहल है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कार्यक्रम अधिकारी उदिता दत्ता और उनकी टीम द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर काफी कम है और दहेज उत्पीड़न के कारण महिलाओं की मृत्यु दर शून्य बताई गई है। इसके अतिरिक्त संस्थागत प्रसूति की दर जिला में काफी बेहतर है। जिले में दिव्यांगों को 100 फीसदी स्कूलों में दाखिला और शिक्षा प्रदान करने में जिला अग्रणी स्थिति में है। सर्वे के अनुसार जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर बताई गईं हैं। सर्वे के अनुसार जिले में पेयजल की स्थिति को सुधारने की काफी आवश्यकता है। इसके अलावा सर्वे रिपोर्ट में सड़कों की स्थिति में भी सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल व सड़कों के विकास संबंधी कमियों को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ प्रभावी ढंग से कदम उठाए जाएंगे। पेयजल प्रबंधन और सड़क को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर सहायक आयुक्त एसएस राठौर और कार्यक्रम अधिकारी पब्लिक अफेयर्स सेंटर बंगलूरू उदिता दत्ता और उनकी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।