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शिरगुल महाराज की जातर 23 को चूड़धार होगी रवाना
Updated Mon, 28 May 2018 11:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)।
सिरमौर, शिमला व सोलन जिलों के प्रमुख आराध्य देव शिरगुल महाराज की जातर 23 जून को चूड़धार जाएगी। देव कार्य के मुखिया रणवीर सिंह ने बताया कि शिरगुल महाराज एक वर्ष चूड़धार तीर्थ स्नान पर जाते हैं और दूसरे वर्ष इनके नाम पर बिशु मेला आयोजित किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस बार चूड़धार यात्रा पर जातर जाएगी। इसमें नौतबीन के हजारों श्रद्धालु देव पालकी का साथ देंगे।
शिरगुल मंदिर समिति के अध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि शाया मंदिर से चूड़धार को देवता की जातर सुबह 10 बजे आरंभ होगी। शाम को जातर बांगा पानी के किनारे रात्रि विश्राम करेगी। 24 जून को जातर पिछला मोड़ नामक स्थान पर रात्रि विश्राम करेगी। 25 जून को लिंगेश्वर महाराज के दर्शन करने के बाद जातर चूड़धार पहुंचेगी। वहां से देवस्नान एवं पूजा अर्चना के बाद रात्रि को वापस पिछला मोड़ नामक स्थान पर पहुंचेगी। 26 जून को जातर वापस प्रस्थान करेगी और करीब दोपहर के बाद शाया मंदिर पहुंचेगी। समिति अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है वह अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।
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राजगढ़ (सिरमौर)।
सिरमौर, शिमला व सोलन जिलों के प्रमुख आराध्य देव शिरगुल महाराज की जातर 23 जून को चूड़धार जाएगी। देव कार्य के मुखिया रणवीर सिंह ने बताया कि शिरगुल महाराज एक वर्ष चूड़धार तीर्थ स्नान पर जाते हैं और दूसरे वर्ष इनके नाम पर बिशु मेला आयोजित किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस बार चूड़धार यात्रा पर जातर जाएगी। इसमें नौतबीन के हजारों श्रद्धालु देव पालकी का साथ देंगे।
शिरगुल मंदिर समिति के अध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि शाया मंदिर से चूड़धार को देवता की जातर सुबह 10 बजे आरंभ होगी। शाम को जातर बांगा पानी के किनारे रात्रि विश्राम करेगी। 24 जून को जातर पिछला मोड़ नामक स्थान पर रात्रि विश्राम करेगी। 25 जून को लिंगेश्वर महाराज के दर्शन करने के बाद जातर चूड़धार पहुंचेगी। वहां से देवस्नान एवं पूजा अर्चना के बाद रात्रि को वापस पिछला मोड़ नामक स्थान पर पहुंचेगी। 26 जून को जातर वापस प्रस्थान करेगी और करीब दोपहर के बाद शाया मंदिर पहुंचेगी। समिति अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है वह अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।
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