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किसान लहसुन, गेहूं और जौ का करवाएं बीमा
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिले में फसलों का बीमा करवाने के लिए दो फसल बीमा योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसल में वर्ष 2018-19 में गेहूं व जौ की फसल का चयन किया गया है, जिसका बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत लहसुन की फसल का चयन किया गया है। इसकी अंतिम तिथि 14 दिसंबर निर्धारित की गई है। उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि किसान इन फसलों का बीमा बैंकों के अलावा लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से भी करवा सकते हैं। इस संबंध में लोकमित्र केंद्रों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसलों के लिए कुल बीमित राशि 30 हजार रुपये और जौ की फसल के लिए 25 हजार राशि निर्धारित की गई है। गेहूं और जौ की फसल के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 1.50 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि किसानों को गेहूं का 450 रुपये प्रति हेक्टेयर या 36 रुपये प्रीमियम प्रति बीघा जबकि जौ की फसल के लिए 375 रुपये प्रति हेक्टेयर और 30 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि बैंक में देनी होगी। उन्होंने बताया कि किसान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत लहसुन की फसल के लिए कुल बीमित राशि 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और प्रीमियम दर पांच प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसके लिए किसान को प्रति बीघा 300 रुपये प्रीमियम राशि जमा करवानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि गैर ऋण किसान अपनी फसल का बीमा पहचान पत्र (आधार कार्ड) और अपनी भूमि रिकॉर्ड के आधार पर अपने निकटतम बैंक या लोकमित्र केंद्र में जमा करवा सकते हैं। किसान को अपनी भूमि में गेहूं और जौ की फसल लगाने संबंधी वचन पत्र संबंधित बैंक को देना होगा। उन्होंने बताया कि इन बीमा योजनाओं के तहत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि घिसाव, ओलावृष्टि व फसल कटाई के बाद दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान और स्थानीयकृत आपदाओं के तहत कवर किया गया है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे गेहूं, जौ और लहसुन की फसलों का बीमा करवाएं।
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नाहन (सिरमौर)। जिले में फसलों का बीमा करवाने के लिए दो फसल बीमा योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसल में वर्ष 2018-19 में गेहूं व जौ की फसल का चयन किया गया है, जिसका बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत लहसुन की फसल का चयन किया गया है। इसकी अंतिम तिथि 14 दिसंबर निर्धारित की गई है। उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि किसान इन फसलों का बीमा बैंकों के अलावा लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से भी करवा सकते हैं। इस संबंध में लोकमित्र केंद्रों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसलों के लिए कुल बीमित राशि 30 हजार रुपये और जौ की फसल के लिए 25 हजार राशि निर्धारित की गई है। गेहूं और जौ की फसल के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 1.50 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर है। उन्होंने बताया कि किसानों को गेहूं का 450 रुपये प्रति हेक्टेयर या 36 रुपये प्रीमियम प्रति बीघा जबकि जौ की फसल के लिए 375 रुपये प्रति हेक्टेयर और 30 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि बैंक में देनी होगी। उन्होंने बताया कि किसान मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत लहसुन की फसल के लिए कुल बीमित राशि 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और प्रीमियम दर पांच प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसके लिए किसान को प्रति बीघा 300 रुपये प्रीमियम राशि जमा करवानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि गैर ऋण किसान अपनी फसल का बीमा पहचान पत्र (आधार कार्ड) और अपनी भूमि रिकॉर्ड के आधार पर अपने निकटतम बैंक या लोकमित्र केंद्र में जमा करवा सकते हैं। किसान को अपनी भूमि में गेहूं और जौ की फसल लगाने संबंधी वचन पत्र संबंधित बैंक को देना होगा। उन्होंने बताया कि इन बीमा योजनाओं के तहत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि घिसाव, ओलावृष्टि व फसल कटाई के बाद दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान और स्थानीयकृत आपदाओं के तहत कवर किया गया है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे गेहूं, जौ और लहसुन की फसलों का बीमा करवाएं।