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17 वर्षों से कार्यरत आईटी शिक्षकों ने मांगी ठोस पालिसी
Updated Sun, 28 Jan 2018 11:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
कंप्यूटर टीचर्स यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री के ओएसडी मामराज पुंडीर से उनके निवास स्थान दुगाना में एक शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उनको शॉल, टोपी और गुलदस्ते से उनका सम्मान किया गया।
यूनियन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 1458 शिक्षक दूरदराज के स्कूलों में पिछले 17 सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सभी कंपनी के अधीन कार्य कर रहे हैं। ब्लैकलिस्ट हुई कंपनी समय पर शिक्षकों को वेतन भी नहीं दे पाती। जो वेतन शिक्षकों को दिया जाता है, उससे कमीशन भी काट दी जाती है। कंपनी पिछले 17 साल से शिक्षकों को शोषित कर रही है।
इस मौके पर यूनियन ने ओएसडी को केवल एक सूत्री मांग की कि कंपनी राज से मुक्ति मिले। बिना किसी शर्त के 1458 शिक्षकों की सेवाओं को शिक्षा विभाग मर्ज करे। कंप्यूटर शिक्षक ने ओएसडी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पॉलिसी को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
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इस मौके पर संघ के जिला प्रधान ठाकुर, धनवीर सिंह, करतार सिंह, जोगिंद्र चौहान, सुरेंद्र चौहान, संजय ठाकुर, जितेंद्र चौहान, दिनेश, भरत राणा, भगत राणा, मोहन, ओम प्रकाश, चंद्र सेन, सरवन, प्रोमिला, सीता, बबीता, सुदेश, अंजू, निर्मला व विजय लक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
कंप्यूटर टीचर्स यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री के ओएसडी मामराज पुंडीर से उनके निवास स्थान दुगाना में एक शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उनको शॉल, टोपी और गुलदस्ते से उनका सम्मान किया गया।
यूनियन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 1458 शिक्षक दूरदराज के स्कूलों में पिछले 17 सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सभी कंपनी के अधीन कार्य कर रहे हैं। ब्लैकलिस्ट हुई कंपनी समय पर शिक्षकों को वेतन भी नहीं दे पाती। जो वेतन शिक्षकों को दिया जाता है, उससे कमीशन भी काट दी जाती है। कंपनी पिछले 17 साल से शिक्षकों को शोषित कर रही है।
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इस मौके पर यूनियन ने ओएसडी को केवल एक सूत्री मांग की कि कंपनी राज से मुक्ति मिले। बिना किसी शर्त के 1458 शिक्षकों की सेवाओं को शिक्षा विभाग मर्ज करे। कंप्यूटर शिक्षक ने ओएसडी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पॉलिसी को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
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इस मौके पर संघ के जिला प्रधान ठाकुर, धनवीर सिंह, करतार सिंह, जोगिंद्र चौहान, सुरेंद्र चौहान, संजय ठाकुर, जितेंद्र चौहान, दिनेश, भरत राणा, भगत राणा, मोहन, ओम प्रकाश, चंद्र सेन, सरवन, प्रोमिला, सीता, बबीता, सुदेश, अंजू, निर्मला व विजय लक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।
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