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अवकाश घटाने पर भड़के मेडिकल कॉलेज के डाक्टर
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। फेकल्टी एसोसिएशन डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन ने मेडिकल कॉलेज नाहन में तैनात कर्मियों का अवकाश कम करने पर गहरी नाराजगी जताई है। संघ ने खुले तौर पर इस फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है।
साथ ही मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. जयश्री शर्मा द्वारा लिए गए इस निर्णय की कड़ी निंदा की है।
मामले को लेकर संघ की एक बैठक नाहन में आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता संघ प्रधान बीआर शर्मा ने की। बीआर शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में 21 दिसंबर से 30 दिनों अवकाश शुरू हो चुका है जिसे कर्मी बारी-बारी अपने स्वेच्छा से ले सकते हैं लेकिन दुखद बात यह है कि कॉलेज की प्रधानाचार्या ने 4 जनवरी को एक तुगलकी फरमान जारी कर इसे 10 दिनों तक सीमित कर दिया है।
उन्होंने ऐसा करने पर एमसीआई इंस्पेक्शन का तर्क दिया है। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि एमसीआई इंस्पेक्शन प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों का भी होना है। वैसे भी अमूमन एमसीआई इंस्पेक्शन अवकाश के दिनों नहीं करती। बैठक में सभी सदस्यों ने अवकाश में की गई कटौती को सिरे से नकार दिया। साथ ही मांग की कि उन्हें नियमानुसार 30 दिन का ही अवकाश प्रदान किया जाए। इस मौके पर संघ के महासचिव डॉ. राकेश जमवाल सहित अन्य डॉक्टर एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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नाहन (सिरमौर)। फेकल्टी एसोसिएशन डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन ने मेडिकल कॉलेज नाहन में तैनात कर्मियों का अवकाश कम करने पर गहरी नाराजगी जताई है। संघ ने खुले तौर पर इस फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया है।
साथ ही मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. जयश्री शर्मा द्वारा लिए गए इस निर्णय की कड़ी निंदा की है।
मामले को लेकर संघ की एक बैठक नाहन में आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता संघ प्रधान बीआर शर्मा ने की। बीआर शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में 21 दिसंबर से 30 दिनों अवकाश शुरू हो चुका है जिसे कर्मी बारी-बारी अपने स्वेच्छा से ले सकते हैं लेकिन दुखद बात यह है कि कॉलेज की प्रधानाचार्या ने 4 जनवरी को एक तुगलकी फरमान जारी कर इसे 10 दिनों तक सीमित कर दिया है।
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उन्होंने ऐसा करने पर एमसीआई इंस्पेक्शन का तर्क दिया है। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि एमसीआई इंस्पेक्शन प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों का भी होना है। वैसे भी अमूमन एमसीआई इंस्पेक्शन अवकाश के दिनों नहीं करती। बैठक में सभी सदस्यों ने अवकाश में की गई कटौती को सिरे से नकार दिया। साथ ही मांग की कि उन्हें नियमानुसार 30 दिन का ही अवकाश प्रदान किया जाए। इस मौके पर संघ के महासचिव डॉ. राकेश जमवाल सहित अन्य डॉक्टर एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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