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पदा से निपटने को मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी: बड़ालिया
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:26 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
आपदा किसी भी समय और कहीं भी आ सकती है। प्रत्येक नागरिक को इससे निपटने के लिए मानसिक रूप से हमेशा तैयार रहना चाहिए। इससे निपटने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है ताकि आपदा की स्थिति में अपनी व अन्य लोगों की सहायता कर सके।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बनाई जा रही आपदा प्रबंधन योजना की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी सिरमौर बीसी बडालिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्रों की दृष्टि से आठ जोन में बांटा गया है। पांवटा साहिब व कालाअंब में स्थापित औद्योगिक इकाइयां भी इसमें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जिला में कालाअंब व पांवटा साहिब में स्थापित औद्योगिक इकाइयों की वजह से होने वाले प्रदूषण से वातावरण को स्वच्छ रखने के अलावा आपदा होने पर नुकसान को कम करने के लिए आपदा प्रबंधन संस्थान भोपाल के माध्यम से योजना तैयार की जा रही है। जिला उद्योग अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, पुलिस, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य एवं शिक्षा, आदेशक गृह रक्षा के अतिरिक्त अन्य विभागों का भी आपेक्षित सहयोग लिया जाएगा।
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उपायुक्त ने बताया कि उद्योगों में केमिकल मुहैया करवाने के लिए लगाए गए वाहनों व टैंकरों में लाए जाने वाले ज्वलनशील पदार्थ के बारे मेें टैंकर पर इसकी जानकारी लिखित रूप में अंकित होना जरूरी होगा। इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों के लिए ज्वलनशील गैस या अन्य पदार्थ को प्रयोग में लाने वाले वाहनों के मार्ग को दर्शाना भी जरूरी होगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सिरमौर हरबंस नेगी, एसडीएम नाहन कृतिका कुलहरी, एसडीएम पांवटा साहिब एचएस राणा, एसडीएम संगड़ाह जीवन सिंह नेगी के अलावा संबंधित औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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नाहन (सिरमौर)।
आपदा किसी भी समय और कहीं भी आ सकती है। प्रत्येक नागरिक को इससे निपटने के लिए मानसिक रूप से हमेशा तैयार रहना चाहिए। इससे निपटने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है ताकि आपदा की स्थिति में अपनी व अन्य लोगों की सहायता कर सके।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बनाई जा रही आपदा प्रबंधन योजना की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी सिरमौर बीसी बडालिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्रों की दृष्टि से आठ जोन में बांटा गया है। पांवटा साहिब व कालाअंब में स्थापित औद्योगिक इकाइयां भी इसमें शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि जिला में कालाअंब व पांवटा साहिब में स्थापित औद्योगिक इकाइयों की वजह से होने वाले प्रदूषण से वातावरण को स्वच्छ रखने के अलावा आपदा होने पर नुकसान को कम करने के लिए आपदा प्रबंधन संस्थान भोपाल के माध्यम से योजना तैयार की जा रही है। जिला उद्योग अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, पुलिस, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य एवं शिक्षा, आदेशक गृह रक्षा के अतिरिक्त अन्य विभागों का भी आपेक्षित सहयोग लिया जाएगा।
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उपायुक्त ने बताया कि उद्योगों में केमिकल मुहैया करवाने के लिए लगाए गए वाहनों व टैंकरों में लाए जाने वाले ज्वलनशील पदार्थ के बारे मेें टैंकर पर इसकी जानकारी लिखित रूप में अंकित होना जरूरी होगा। इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों के लिए ज्वलनशील गैस या अन्य पदार्थ को प्रयोग में लाने वाले वाहनों के मार्ग को दर्शाना भी जरूरी होगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सिरमौर हरबंस नेगी, एसडीएम नाहन कृतिका कुलहरी, एसडीएम पांवटा साहिब एचएस राणा, एसडीएम संगड़ाह जीवन सिंह नेगी के अलावा संबंधित औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।