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चार साल में 90 लाख से ज्यादा रोजगार खत्म : राजेंद्र
Updated Sun, 07 Oct 2018 10:33 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन जिला सिरमौर इकाई का 11वां त्रैवार्षिक सम्मेलन नाहन में आयोजित किया गया। सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें आर्थिक एजेंडे पर पूरी तरह फेल हो गई हैं। देश की अर्थव्यवस्था डगमगाने से पिछले चार वर्षों में 90 लाख से ज्दाया रोजगार खत्म हो गए। राष्ट्रीय बैंकों की लूट-खसूट हो रही है। समाज से जुड़ी राष्ट्रीय योजनाओं जैसे आईसीडीएस, मिड-डे वर्कर और मनरेगा के बजट में केंद्र सरकार लगातार कटौती कर रही है। ऐसे में करोड़ों लाभार्थियों के साथ सरकार धोखा कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ एक मजबूत मजदूर आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यूनियन की महासचिव बीना शर्मा ने सम्मेलन में तीन साल की रिपोर्ट रखी। साथ ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में ही नर्सरी स्कूल खोले जाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को सरकारी कर्मी बनाने के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर इन्हें वेतनमान जारी किए जाएं। इस अवसर पर पारित किए गए विशेष प्रस्ताव में कहा गया कि यदि नर्सरी स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन चलाए जाएंगे तो इसके खिलाफ बड़ा जनांदोलन तैयार किया जाएगा। इस अवसर पर नई जिला कमेटी का गठन भी किया गया। इसमें नीलम शर्मा को प्रधान, बीना शर्मा को महासचिव, प्रतिमा को कोषाध्यक्ष, नीलम को उपाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा शीला, ऊषा, किरण, सुनीता, देव कुमारी, रक्षा, लक्ष्मी, नारायणी, माया, प्रोमिला, सरस्वती, किरण, सरोज, अंजु, पूनम, कमला, राज, रीता, गीता व शीला देवी को सदस्य बनाया गया है। सम्मेलन में जिलेभर से 107 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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नाहन (सिरमौर)। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन जिला सिरमौर इकाई का 11वां त्रैवार्षिक सम्मेलन नाहन में आयोजित किया गया। सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर सीटू महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें आर्थिक एजेंडे पर पूरी तरह फेल हो गई हैं। देश की अर्थव्यवस्था डगमगाने से पिछले चार वर्षों में 90 लाख से ज्दाया रोजगार खत्म हो गए। राष्ट्रीय बैंकों की लूट-खसूट हो रही है। समाज से जुड़ी राष्ट्रीय योजनाओं जैसे आईसीडीएस, मिड-डे वर्कर और मनरेगा के बजट में केंद्र सरकार लगातार कटौती कर रही है। ऐसे में करोड़ों लाभार्थियों के साथ सरकार धोखा कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ एक मजबूत मजदूर आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यूनियन की महासचिव बीना शर्मा ने सम्मेलन में तीन साल की रिपोर्ट रखी। साथ ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में ही नर्सरी स्कूल खोले जाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को सरकारी कर्मी बनाने के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर इन्हें वेतनमान जारी किए जाएं। इस अवसर पर पारित किए गए विशेष प्रस्ताव में कहा गया कि यदि नर्सरी स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन चलाए जाएंगे तो इसके खिलाफ बड़ा जनांदोलन तैयार किया जाएगा। इस अवसर पर नई जिला कमेटी का गठन भी किया गया। इसमें नीलम शर्मा को प्रधान, बीना शर्मा को महासचिव, प्रतिमा को कोषाध्यक्ष, नीलम को उपाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा शीला, ऊषा, किरण, सुनीता, देव कुमारी, रक्षा, लक्ष्मी, नारायणी, माया, प्रोमिला, सरस्वती, किरण, सरोज, अंजु, पूनम, कमला, राज, रीता, गीता व शीला देवी को सदस्य बनाया गया है। सम्मेलन में जिलेभर से 107 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।