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एक घंटे में एक गाड़ी की दो बार काटी पर्ची
Updated Tue, 03 Jul 2018 07:16 PM IST
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एक घंटे में गाड़ी की दो बार काट दी पर्ची
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित टोल टैक्स बैरियर पर कर्मचारियों ने एक घंटे के भीतर ही एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर की गाड़ी की दोबारा टोल टैक्स पर्ची काट दी। जबकि, नियमानुसार 24 घंटे तक टोल टैक्स पर्ची की वैद्यता रहती है। ऐसे में उससे दोबारा टैक्स नहीं वसूला जा सकता।
जानकारी अनुसार कालाअंब के एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर परमजीत को किसी कार्य से हरियाणा क्षेत्र में प्रवेश करना पड़ा। जब वह लौटे तो टोल टैक्स बैरियर पर तैनात टोल टैक्स कर्मियों ने उसकी पर्ची काट दी। जबकि, एक घंटा पहले वह हिमाचल की सीमा में आए थे और उस दौरान उनकी टोल टैक्स पर्ची भी काटी गई थी। इस मसले को लेकर दोनों पक्षों में बहस भी हुई। टोल टैक्स कर्मियों का तर्क था कि परमजीत पहले वाली टोल टैक्स पर्ची नहीं दिखा पाया है। इसके चलते उन्होंने दोबारा पर्ची काटी। इसके कारण यह विवाद हुआ। बाद में यह मसला ईटीओ कालाअंब के पास पहुंचा। उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनकर उनके बीच समझौता करवा दिया। कालाअंब के आबकारी एवं कराधान अधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में गलतफहमी की वजह से विवाद हुआ। परमजीत पहली पर्ची टोल टैक्स नाके पर नहीं दिखा सका। लिहाजा, दोनों पक्षों में जो भी विवाद था, उसे निपटा दिया गया है।
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कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित टोल टैक्स बैरियर पर कर्मचारियों ने एक घंटे के भीतर ही एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर की गाड़ी की दोबारा टोल टैक्स पर्ची काट दी। जबकि, नियमानुसार 24 घंटे तक टोल टैक्स पर्ची की वैद्यता रहती है। ऐसे में उससे दोबारा टैक्स नहीं वसूला जा सकता।
जानकारी अनुसार कालाअंब के एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर परमजीत को किसी कार्य से हरियाणा क्षेत्र में प्रवेश करना पड़ा। जब वह लौटे तो टोल टैक्स बैरियर पर तैनात टोल टैक्स कर्मियों ने उसकी पर्ची काट दी। जबकि, एक घंटा पहले वह हिमाचल की सीमा में आए थे और उस दौरान उनकी टोल टैक्स पर्ची भी काटी गई थी। इस मसले को लेकर दोनों पक्षों में बहस भी हुई। टोल टैक्स कर्मियों का तर्क था कि परमजीत पहले वाली टोल टैक्स पर्ची नहीं दिखा पाया है। इसके चलते उन्होंने दोबारा पर्ची काटी। इसके कारण यह विवाद हुआ। बाद में यह मसला ईटीओ कालाअंब के पास पहुंचा। उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनकर उनके बीच समझौता करवा दिया। कालाअंब के आबकारी एवं कराधान अधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में गलतफहमी की वजह से विवाद हुआ। परमजीत पहली पर्ची टोल टैक्स नाके पर नहीं दिखा सका। लिहाजा, दोनों पक्षों में जो भी विवाद था, उसे निपटा दिया गया है।
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