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कोटला बडोग तथा महीपुर में बनेगी दो गऊ सेंचुरियां: जैन
Updated Tue, 13 Feb 2018 10:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। बेसहारा पशुओं के लिए जिला सिरमौर में दो गऊ सैंचूरियाें का निर्माण किया जाएगा जिसमें एक राजगढ़ उपमंडल के कोटला बडोग तथा दूसरी नाहन उपमंडल के महीपुर में बनाई जाएगी। यह प्रदेश में इस तरह की पहली सैंचूरी होगी। उपायुक्त ललित जैन ने मंगलवार को पशुपालन विभाग के साथ बैठक आयोजित करने के बाद यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कोटला बडोग गऊ सैंचूरी 50 बीघा में बनेगी जिसमें 100 बेसहारा पशु रहेंगे। जबकि महीपुर में 15 बीघा में गऊ सैंचूरी बनाई जाएगी जिसमें 50 बेसहारा पशुओं को रखने की क्षमता होगी। गऊ सैंचूरी में पशुशाला, चारा भंडारण, पशु औषद्यालय तथा एक चौकीदार कक्ष होगा। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि जिला में पूर्व में स्थापित की गई गऊशालाओं को गऊ संबर्धन बोर्ड शिमला से पंजीकृत किया जाए ताकि गऊशालाओं का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
उन्होंने जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि वह उत्तम पशुधन पुरस्कार योजना के तहत जिला की 12 पंचायतों को 5 लाख रुपये प्रति पंचायत गऊशाला को बनाने तथा चल रही गऊशालाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। इस मौके पर एसडीएम पांवटा को पांवटा नगर परिषद के वार्ड नंबर 7 में निर्माणाधीन गऊशाला को दो माह के भीतर तैयार करने के भी निर्देश दिए।
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इस मौके पर पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. नीरू शबनम, अतिरिक्त उपायुक्त आदित्य नेगी, एसडीएम नाहन विवेक शर्मा, एसडीएम पांवटा साहिब एलआर वर्मा, कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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नाहन (सिरमौर)। बेसहारा पशुओं के लिए जिला सिरमौर में दो गऊ सैंचूरियाें का निर्माण किया जाएगा जिसमें एक राजगढ़ उपमंडल के कोटला बडोग तथा दूसरी नाहन उपमंडल के महीपुर में बनाई जाएगी। यह प्रदेश में इस तरह की पहली सैंचूरी होगी। उपायुक्त ललित जैन ने मंगलवार को पशुपालन विभाग के साथ बैठक आयोजित करने के बाद यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कोटला बडोग गऊ सैंचूरी 50 बीघा में बनेगी जिसमें 100 बेसहारा पशु रहेंगे। जबकि महीपुर में 15 बीघा में गऊ सैंचूरी बनाई जाएगी जिसमें 50 बेसहारा पशुओं को रखने की क्षमता होगी। गऊ सैंचूरी में पशुशाला, चारा भंडारण, पशु औषद्यालय तथा एक चौकीदार कक्ष होगा। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि जिला में पूर्व में स्थापित की गई गऊशालाओं को गऊ संबर्धन बोर्ड शिमला से पंजीकृत किया जाए ताकि गऊशालाओं का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
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उन्होंने जिला पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि वह उत्तम पशुधन पुरस्कार योजना के तहत जिला की 12 पंचायतों को 5 लाख रुपये प्रति पंचायत गऊशाला को बनाने तथा चल रही गऊशालाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। इस मौके पर एसडीएम पांवटा को पांवटा नगर परिषद के वार्ड नंबर 7 में निर्माणाधीन गऊशाला को दो माह के भीतर तैयार करने के भी निर्देश दिए।
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इस मौके पर पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. नीरू शबनम, अतिरिक्त उपायुक्त आदित्य नेगी, एसडीएम नाहन विवेक शर्मा, एसडीएम पांवटा साहिब एलआर वर्मा, कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।