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कालाअंब के मोगीनंद में मारकंडा नदी पर 10 करोड़ से बनेगा पुल
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कालाअंब के मोगीनंद स्थित स्थान, जहां मारकंडा नदी पर पुल बनेगा। संवाद
- फोटो : NAHAN
कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअब के मोगीनंद में मारकंडा नदी पर जल्द पुल बनेगा। लोक निर्माण विभाग इसका निर्माण करेगा। 10 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल की लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 7.5 मीटर होगी। पुल के बनने से नागल और सुकेती गांव अंबाला-देहरादून वाया कालाअंब राष्ट्रीय उच्च मार्ग-07 से जुड़ेंगे। वहीं नागल सुकेती से मोगीनंद आने वाले लोगों का सात किलोमीटर अतिरिक्त सफर भी कम होगा।
एशिया का प्रसिद्ध और बड़ा शिवालिक जीवाश्म पार्क भी सुकेती में है। ऐसे में पर्यटकों और लोगों को यहां पहुंचने में सहूलियत होगी। पुल के निर्माण से संबंधित काजगी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। केवल नक्शे की तकनीकी अप्रवूल मिलनी बाकी है। इसके अलावा टेंडर आदि का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस पुल के बनने से डेढ़ दर्जन उद्योगों को जाने की सुविधा होगी। वहीं मोगीनंद से सुकेती, नागल का सफर भी केवल एक किलोमीटर का रह जाएगा।
क्षेत्र के 200 परिवारों को इस पुल से लाभ मिलेगा। लोगों को बरसात के दिनों में सबसे अधिक मुश्किलें आती रही हैं। पुल न होने से उन्हें सात आठ किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कर वाया कालाअंब से मोगीनंद पहुंचना पड़ता था। नागल व सुकेती गांव के लोगों की मारकंडा नदी पर पुल बनाने की मांग दशकों से रही है। अब लोगों का पुल बनाए जाने का सपना साकार होता दिख रहा है।
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पुल निर्माण की कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में : डीएस राणा
लोक निर्माण विभाग उपमंडल नाहन के सहायक अभियंता डीएस राणा ने बताया कि मोगीनंद और सुकेती के बीच बनने वाले पुल के निर्माण की कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लगभग दस करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। जल्द ही इसका कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिसे निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य है।
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सैकड़ों परिवारों को मिलेगा लाभ : रेखा चौधरी
कालाअंब पंचायत की प्रधान रेखा चौधरी ने बताया कि मोगीनंद और नागल सुकेती के बीच पुल बनने से सैकड़ों परिवारों को लाभ मिलेगा। साथ ही एशिया प्रसिद्ध जीवाश्म पार्क में आने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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दशकों बाद पूरा होगा पुल निर्माण का सपना : सुभाष चौधरी
मैनथापल निवासी सुभाष चौधरी ने बताया कि कई दशकों बाद नागल सुकेती के बाशिंदों का पुल निर्माण का सपना पूरा हो रहा है। अब क्षेत्रवासियों को जान जोखिम में डालकर मारकंडा नदी पार नहीं करनी पड़ेगी।
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सात किलोमीटर सफर कम होगा : नीरज धीमान
सुकेती गांव के नीरज धीमान ने बताया कि सभी क्षेत्रवासी पुल निर्माण की निरंतर मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो रही है। पुल के निर्माण से नाहन, रेणुकाजी, सोलन, शिमला आदि जाने के लिए सात किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। समय की बचत होगी।
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चार गांवों के मिलेगा लाभ : जगमाल
स्थानीय निवासी जगमाल ने बताया कि पुल बनने से चार गांवों के सैकड़ों परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि नागल व सुकेती के कौंथरों और खेड़ा गांव के लोग भी इस पुल से लाभान्वित होंगे।
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औद्योगिक इकाइयों को जाने में होगी सुविधा : रमेश
रमेश कुमार ने कहा कि ग्रामीणों के अलावा सकेती क्षेत्र में स्थित डेढ़ दर्जन औद्योगिक इकाइयों में जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और मजदूरों को भी सहूलियत होगी।
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एशिया का प्रसिद्ध और बड़ा शिवालिक जीवाश्म पार्क भी सुकेती में है। ऐसे में पर्यटकों और लोगों को यहां पहुंचने में सहूलियत होगी। पुल के निर्माण से संबंधित काजगी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। केवल नक्शे की तकनीकी अप्रवूल मिलनी बाकी है। इसके अलावा टेंडर आदि का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस पुल के बनने से डेढ़ दर्जन उद्योगों को जाने की सुविधा होगी। वहीं मोगीनंद से सुकेती, नागल का सफर भी केवल एक किलोमीटर का रह जाएगा।
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क्षेत्र के 200 परिवारों को इस पुल से लाभ मिलेगा। लोगों को बरसात के दिनों में सबसे अधिक मुश्किलें आती रही हैं। पुल न होने से उन्हें सात आठ किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कर वाया कालाअंब से मोगीनंद पहुंचना पड़ता था। नागल व सुकेती गांव के लोगों की मारकंडा नदी पर पुल बनाने की मांग दशकों से रही है। अब लोगों का पुल बनाए जाने का सपना साकार होता दिख रहा है।
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पुल निर्माण की कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में : डीएस राणा
लोक निर्माण विभाग उपमंडल नाहन के सहायक अभियंता डीएस राणा ने बताया कि मोगीनंद और सुकेती के बीच बनने वाले पुल के निर्माण की कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लगभग दस करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। जल्द ही इसका कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिसे निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य है।
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सैकड़ों परिवारों को मिलेगा लाभ : रेखा चौधरी
कालाअंब पंचायत की प्रधान रेखा चौधरी ने बताया कि मोगीनंद और नागल सुकेती के बीच पुल बनने से सैकड़ों परिवारों को लाभ मिलेगा। साथ ही एशिया प्रसिद्ध जीवाश्म पार्क में आने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी। क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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दशकों बाद पूरा होगा पुल निर्माण का सपना : सुभाष चौधरी
मैनथापल निवासी सुभाष चौधरी ने बताया कि कई दशकों बाद नागल सुकेती के बाशिंदों का पुल निर्माण का सपना पूरा हो रहा है। अब क्षेत्रवासियों को जान जोखिम में डालकर मारकंडा नदी पार नहीं करनी पड़ेगी।
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सात किलोमीटर सफर कम होगा : नीरज धीमान
सुकेती गांव के नीरज धीमान ने बताया कि सभी क्षेत्रवासी पुल निर्माण की निरंतर मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो रही है। पुल के निर्माण से नाहन, रेणुकाजी, सोलन, शिमला आदि जाने के लिए सात किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। समय की बचत होगी।
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चार गांवों के मिलेगा लाभ : जगमाल
स्थानीय निवासी जगमाल ने बताया कि पुल बनने से चार गांवों के सैकड़ों परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि नागल व सुकेती के कौंथरों और खेड़ा गांव के लोग भी इस पुल से लाभान्वित होंगे।
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औद्योगिक इकाइयों को जाने में होगी सुविधा : रमेश
रमेश कुमार ने कहा कि ग्रामीणों के अलावा सकेती क्षेत्र में स्थित डेढ़ दर्जन औद्योगिक इकाइयों में जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और मजदूरों को भी सहूलियत होगी।

मोगीनंद में मारकंडा नदी पर इस तरह का बनेगा पुल। संवाद- फोटो : NAHAN