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पांवटा में 28 पेयजल योजनाओं का जल स्तर घटा
Updated Fri, 25 May 2018 10:26 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
सुरेश तोमर
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
भयंकर गर्मी से बेहाल लोग पानी के लिए दर-दर भटकने को विवश हो गए हैं। गर्मी की वजह से पांवटा क्षेत्र की पेयजल योजनाओं के जल स्तर में भारी कमी दर्ज की जा रही है। इलाके की 28 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। 11 योजनाओं में तो केवल 25 फीसदी पानी रह गया है। इसके अलावा 13 योजनाओं में 25 से 50 फीसदी और 2 योजनाओं में 50 से 75 फीसदी जलस्तर पहुंच गया है।
आईपीएच पांवटा मंडल में 369 पेयजल योजनाएं हैं। गर्मियों के मौसम में हर वर्ष दर्जनों योजनाओं का जलस्तर गिरता है। इससे पेयजल संकट पैदा हो जाता है। योजनाओं में पानी नहीं आने या कम आने से लोगों को दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। यदि बारिश नहीं हुई तो पेयजल समस्या और विकराल हो सकती है। आईपीएच पांवटा मंडल में सबसे ज्यादा प्रभावित योजनाओं में सालवाला, भुड्डी मेहरुवाला, भढ़ाणा, बधाना, कोदेवाला, देववाला, बाड़थल मधाना, कोटी उतरोऊ, सुंदराड़ी, बोकाला-पाब और निगाली शामिल हैं।
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इन पेयजल योजनाओं का जल स्तर 0 से 25 फीसदी रह गया है। इसके अलावा रामगढ़, अजोली किशनपुरा, टीटीयाना, नारीवाला, प्लहोड़ी, बाथन कल्याना, ज्वालापुर, अकालगड़, शिवपुर-फूलपुर, निहालगड़, जामनीघाट, कियाना और कोटी उचतरोऊ की बांबल पेयजल योजना का जल स्तर 25 से 50 फीसदी के बीच रह गया है। पांवटा की हरीपुर टोहाना और शिवा रुदानोंमें 50 से 75 फीसदी जल स्तर है।
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आईपीएच के अधिशासी अभियंता पांवटा एके धीमान ने कहा कि तापमान बढ़ने से प्राकृतिक जलस्रोतों के जलस्तर में भारी गिरावट आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाएं पानी की कमी से प्रभावित हुई हैं। लोगों को ज्यादा दिक्कतें न रहें, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। रुदाना क्षेेत्र में खच्चरों से पानी उपलब्ध करवाने तथा ज्यादा प्रभावित होने पर कुछ अन्य इलाकों में टैंकर लगाने की प्रपोजल प्रशासन को भेज दिया है।