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प्रशिक्षु डॉक्टरों को डराने धमकाने का वीडियो वायरल
Updated Thu, 18 Jan 2018 10:26 PM IST
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नाहन (सिरमौर)।
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डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल के वायरल हुए वीडियो ने फिर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशिक्षु डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सामने आए वीडियो ने मेडिकल कॉलेज को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि इस वीडियो में एमबीबीएस के प्रशिक्षु छात्रों को धमकाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने कहा कि 90 प्रतिशत छात्र अध्यापकों की मेहरबानी से ही पास होते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस मेडिकल कॉलेज से पास हुए 90 प्रतिशत छात्र अपने बलबूते पर नहीं बल्कि, अध्यापकों की मेहरबानी से पास हुए हैं।
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बहरहाल, यह मामला कॉलेज के द्वितीय वर्ष के छात्रों से जुड़ा है। तीन दिन पहले ही छात्रों ने कॉलेज में अव्यवस्थाओं का हवाला देकर कक्षाओं का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और छात्रों के बीच सहमति बनाने के लिए एक बैठक भी की गई। बताया जा रहा है कि इसी बैठक के दौरान किसी छात्र ने वीडियो रिकॉर्डिंग कर इस वीडियो को सोशल मीडिया तक पहुंचा दिया। हालांकि, यह कोई पहला मामला नहीं है जब मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इससे पहले यहां से शिमला स्थानांतरित हुए एक डाक्टर के रिलीव होने के बावजूद वही डाक्टर मेडिकल कॉलेज की फाइलें खंगालने के दौरान बनाया गया वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। यही नहीं मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल पर फैकल्टी एसोसिएशन ने भी अवकाश कम करने के मामले में कई आरोप जड़े थे।
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क्या कहती है प्रधानाचार्य
मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. जयश्री शर्मा ने मीडिया को एक बयान जारी करते हुए बताया कि प्रथम और द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट्स ने स्वैच्छिक और जानबूझकर कक्षाओं का बहिष्कार किया। इसके बारे में कॉलेज प्रशासन को जानकारी नहीं थी। छात्रों की अनुशासनहीनता से कॉलेज बदनाम हो रहा है। वीडियो वायरल के मामले में उन्होंने कहा कि वह छात्रों को सिर्फ समझा रही थीं। वहां पर जिला प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित थे। जिस स्टूडेंट ने वीडियो बनाई है वह बदनाम करने की दृष्टि से बनाई है।