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पांवटा में दो हजार बीघा भूमि सूखे की चपेट में
Updated Sun, 03 Jun 2018 10:45 PM IST
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farmer shimla
अमर उजाला ब्यूरो
राजपुर (सिरमौर)। पांवटा की दो हजार बीघा जमीन सूखे की चपेट में आ गई है। आईपीएच विभाग पांवटा की बांगरण नंबर-एक सिंचाई योजना की मोटरें खराब होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। पानी न मिलने के कारण किसान धान की पनीरी की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
विभाग ने स्कीम में 60 और 50 एचपी की मोटरें स्थापित की थीं। दोनों मोटरें एक महीने से खटारा पड़ी हुई हैं। किसान विकास समिति के अध्यक्ष मोहन लाल, सबीर अहमद, रामपाल, गुरमीत, सुनील, छज्जूराम, रमेश, ओमी, नरेश आदि ने बताया कि एक महीने से स्कीम ठप पड़ी है जिस कारण बांगरण, काहनूवाला, अकालगढ़ गांवों की भूमि को पानी नहीं मिल रहा है। जबकि अब नई फसल की पनीरी की बुआई की जानी है।
उन्होंने कहा कि दूसरे क्षेत्रों के लोगों ने अपने खेतों में हरी सब्जियों की पनीरी, पशुओं के लिए चारे की तैयारी भी शुरू कर दी है। जबकि वह सभी सिंचाई स्कीम के ठप होने से अभी तक खाली बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यहां स्कीम में विभाग ने दो-दो मोटर लगाई हुई हैं लेकिन धान की रोपाई से ऐन पहले दोनों मोटरें खराब होने से योजना ही ठप पड़ गई है। इससे उनके खेतों को पानी नहीं मिल रहा है। लोगों ने इस योजना को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पुरानी मोटरों के स्थान पर नई मोटरें लगाने की भी मांग की।
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उधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता काला सिंह ने कहा कि विभाग ने सर्वे कर दो नई मोटरों का एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया है। जल्द ही योजना चालू कर दी जाएगी।
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राजपुर (सिरमौर)। पांवटा की दो हजार बीघा जमीन सूखे की चपेट में आ गई है। आईपीएच विभाग पांवटा की बांगरण नंबर-एक सिंचाई योजना की मोटरें खराब होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। पानी न मिलने के कारण किसान धान की पनीरी की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
विभाग ने स्कीम में 60 और 50 एचपी की मोटरें स्थापित की थीं। दोनों मोटरें एक महीने से खटारा पड़ी हुई हैं। किसान विकास समिति के अध्यक्ष मोहन लाल, सबीर अहमद, रामपाल, गुरमीत, सुनील, छज्जूराम, रमेश, ओमी, नरेश आदि ने बताया कि एक महीने से स्कीम ठप पड़ी है जिस कारण बांगरण, काहनूवाला, अकालगढ़ गांवों की भूमि को पानी नहीं मिल रहा है। जबकि अब नई फसल की पनीरी की बुआई की जानी है।
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उन्होंने कहा कि दूसरे क्षेत्रों के लोगों ने अपने खेतों में हरी सब्जियों की पनीरी, पशुओं के लिए चारे की तैयारी भी शुरू कर दी है। जबकि वह सभी सिंचाई स्कीम के ठप होने से अभी तक खाली बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यहां स्कीम में विभाग ने दो-दो मोटर लगाई हुई हैं लेकिन धान की रोपाई से ऐन पहले दोनों मोटरें खराब होने से योजना ही ठप पड़ गई है। इससे उनके खेतों को पानी नहीं मिल रहा है। लोगों ने इस योजना को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पुरानी मोटरों के स्थान पर नई मोटरें लगाने की भी मांग की।
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उधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता काला सिंह ने कहा कि विभाग ने सर्वे कर दो नई मोटरों का एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया है। जल्द ही योजना चालू कर दी जाएगी।