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बांस की पुलिया के सहारे जिंदगी, अनहोनी का खतरा
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:08 PM IST
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गिरिपार के कठवाड़ में जान जोखिम में डाल खड्ड पार करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्य़ूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गिरिपार की दुर्गम कठवार पंचायत में उदेईना टिप्परी खड्ड में हर वर्ष हादसे की आशंका बनी रहती है। बरसात में इस खड्ड में कई मवेशी डूब चुके हैं। पिछले एक दशक से खड्ड पर पुलिया बनाने की मांग पूरी नहीं हो सकी है।
क्षेत्रवासियों ने बीडीओ पांवटा से इस खड्ड पर छोटी पुलिया बनाने के लिए बजट का प्रावधान करने की मांग की है, जिससे पंचायत के छोटे-छोटे गांवों के करीब 700 लोगों को सुविधा मिल सके। गिरिपार की दूरदराज कठवार पंचायत के निवासी राकेश ठाकुर, बलदेव सिंह, जयपाल ठाकुर, राजेंद्र सिंह, किरण देवी, विक्रम सिंह, ओम प्रकाश, बबीता और रामभज ने बताया कि पंचायत के गांव उदेईना, टिप्परी, पिपलात, शलाड़ा, मुआड़ और कुरियाणी के करीब पांच दर्जन से अधिक परिवारों की सात सौ से अधिक आबादी है। ये गांव खड्ड के उफान से भयभीत रहते हैं। एक दशक पहले इस खड्ड पर पुलिया के लिए पिलर बनाए गए थे लेकिन, फिर यह योजना अधर में लटक गई। तब से गांव के लोग बरसात में खड्ड आरपार करने से डरते हैं। मजबूरन लोगों को बांस के डंडे से पुलिया बनानी पड़ी है लेकिन, इस अस्थायी पुलिया के टूटने का खतरा बना रहता है। उधर, बीडीओ पांवटा अभिषेक मित्तल ने कहा कि कठवार पंचायत से इस योजना का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। पंचायत के माध्यम से इस खड्ड पर पुलिया की योजना का प्रस्ताव आने पर बजट का प्रावधान करवा दिया जाएगा, जिससे इस दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्या हल हो सके।
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क्षेत्रवासियों ने बीडीओ पांवटा से इस खड्ड पर छोटी पुलिया बनाने के लिए बजट का प्रावधान करने की मांग की है, जिससे पंचायत के छोटे-छोटे गांवों के करीब 700 लोगों को सुविधा मिल सके। गिरिपार की दूरदराज कठवार पंचायत के निवासी राकेश ठाकुर, बलदेव सिंह, जयपाल ठाकुर, राजेंद्र सिंह, किरण देवी, विक्रम सिंह, ओम प्रकाश, बबीता और रामभज ने बताया कि पंचायत के गांव उदेईना, टिप्परी, पिपलात, शलाड़ा, मुआड़ और कुरियाणी के करीब पांच दर्जन से अधिक परिवारों की सात सौ से अधिक आबादी है। ये गांव खड्ड के उफान से भयभीत रहते हैं। एक दशक पहले इस खड्ड पर पुलिया के लिए पिलर बनाए गए थे लेकिन, फिर यह योजना अधर में लटक गई। तब से गांव के लोग बरसात में खड्ड आरपार करने से डरते हैं। मजबूरन लोगों को बांस के डंडे से पुलिया बनानी पड़ी है लेकिन, इस अस्थायी पुलिया के टूटने का खतरा बना रहता है। उधर, बीडीओ पांवटा अभिषेक मित्तल ने कहा कि कठवार पंचायत से इस योजना का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। पंचायत के माध्यम से इस खड्ड पर पुलिया की योजना का प्रस्ताव आने पर बजट का प्रावधान करवा दिया जाएगा, जिससे इस दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्या हल हो सके।
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