शिमला: छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी की हिरासत 29 अगस्त तक बढ़ाई
विशेष न्यायाधीश शिमला, भुवनेश अवस्थी की अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी और हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस तथा एशियन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन रजनीश बंसल की कस्टडी 29 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी है।
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हिमाचल प्रदेश के चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बड़ी सफलता मिली है। विशेष न्यायाधीश शिमला, भुवनेश अवस्थी की अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी और हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस तथा एशियन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन रजनीश बंसल की कस्टडी 29 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी है। अदालत में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने आरोपी को पेश किया। ईडी ने अदालत से आरोपी की चार दिन की और रिमांड की मांग की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया।
अब आरोपी को 29 अगस्त को सुबह 10:00 बजे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। यह पूरा मामला 39 करोड़ से अधिक के फर्जी छात्रवृत्ति दावों से जुड़ा है। सीबीआई शिमला ने 7 मई 2019 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसके आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईसीआइआर दर्ज की थी। एजेंसी का कहना था कि धन के अंतिम उपयोग का पता लगाने, अन्य लाभार्थियों की पहचान करने और वित्तीय दस्तावेजों के साथ आरोपी का आमना-सामना कराने के लिए आगे की कस्टडी बेहद जरूरी है। मामले की गंभीरता और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को देखते हुए अदालत ने ईडी की रिमांड अर्जी मंजूर कर ली है। a