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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla: Apple horticulture to get a new direction; New Zealand to set up a Centre of Excellence.

शिमला: सेब बागवानी को मिलेगी नई दिशा, न्यूजीलैंड स्थापित करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

Thu, 01 Oct 2026 07:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 01 Oct 2026 07:11 PM IST
सार

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर इस दिशा में विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता साझा करने की इच्छा जताई।

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Shimla: Apple horticulture to get a new direction; New Zealand to set up a Centre of Excellence.
मुख्यमंत्री से न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानी को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए न्यूजीलैंड तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर इस दिशा में विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता साझा करने की इच्छा जताई। साथ ही, बागवानी को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे स्थानीय बागवानों को उन्नत और आधुनिक तकनीकों का सीधा लाभ मिल सकेगा।

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सेब उत्पादन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश सरकार बागवानी क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने दोनों क्षेत्रों के किसानों और बागवानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक्सपोजर विजिट कराने की आवश्यकता पर बल दिया और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार साझा किए। इस अवसर पर शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, न्यूजीलैंड के विशेष कृषि व्यापार दूत नाथन गाइ, काउंसलर (प्राथमिक उद्योग) जेम्स वॉ, कृषि साझेदारी प्रबंधक प्रियम अरोड़ा, डेनियल और लैकलन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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15 करोड़ से बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
 प्रदेश में सेब, कीवी और नाशपाती की बागवानी को नई तकनीक से जोड़ने के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से इंडो-न्यूजीलैंड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है। इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और रोग प्रतिरोधी पौध तैयार करने के साथ किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को शिमला में न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में हिमाचल के तीन दिवसीय दौरे पर आए छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में यह जानकारी साझा की। बैठक में प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के विस्तार, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और किसानों की आय बढ़ाने के लिए भारत-न्यूजीलैंड कृषि सहयोग परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हजारों परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बागवानी क्षेत्र से जुड़े हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड की तकनीकी विशेषज्ञता प्रदेश के बागवानों के कौशल विकास और उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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प्रतिनिधिमंडल जिला सिरमौर के राजगढ़ का दौरा करेगा
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का मुख्य उद्देश्य न्यूजीलैंड की तकनीकी दक्षता के माध्यम से किसानों को उन्नत बागवानी पद्धतियों से अवगत करवाना है। परियोजना के तहत बेहतर गुणवत्ता वाली, रोग प्रतिरोधी और उन्नत पौध तैयार करने के लिए आधुनिक नर्सरियां विकसित की जाएंगी। इनमें बाजार की मांग के अनुरूप सेब, कीवी और नाशपाती की पौध उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा परियोजना में एकीकृत कटाई बाद प्रबंधन की सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है, ताकि फलों की गुणवत्ता बनाए रखने और उनकी बर्बादी कम करने में मदद मिल सके। किसानों के कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और न्यूजीलैंड की तकनीकों से परिचित करवाने के लिए अध्ययन दौरों का आयोजन भी किया जाएगा। बागवानी मंत्री ने बताया कि न्यूजीलैंड का प्रतिनिधिमंडल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए प्रस्तावित स्थलों का दौरा कर वहां की भौगोलिक परिस्थितियों का आकलन करेगा। इसके तहत प्रतिनिधिमंडल जिला सिरमौर के राजगढ़ का दौरा करेगा। इस आकलन के आधार पर परियोजना की आगामी रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी। 
 

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