शिमला: सचिवालय में प्रशासनिक फेरबदल, ग्रेड टू 22 अधीक्षकों का पदोन्नति के बाद तबादला
18 अधीक्षकों को पदोन्नति के बाद विभिन्न विभागों में तैनात किया गया है। चार अधीक्षकों का एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण किया गया है।
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सरकार ने सचिवालय में प्रशासनिक फेरबदल किया है। कार्मिक विभाग ने 22 अधीक्षक ग्रेड टू के पदोन्नति और स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। 18 अधीक्षकों को पदोन्नति के बाद विभिन्न विभागों में तैनात किया गया है। चार अधीक्षकों का एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण किया गया है। पदोन्नत होने वाले अधिकारियों में सतिंद्र कुमार को शिक्षा-सी, मीना को ईएसटी एंड सीसी और राकेश कुमार वर्मा को स्वास्थ्य-ए विभाग में भेजा गया है।
विक्रांत को कार्मिक-तीन, रमन शर्मा को मुख्यमंत्री-सी और अश्विनी कुमार को उद्योग मंत्री कार्यालय में तैनाती मिली है। मनोज कुमार को मुख्यमंत्री निर्वाचन क्षेत्र और दिलीप कुमार को एसजे एंड ई-बी विभाग में स्थानांतरित किया गया है। कृष्ण गोपाल शर्मा को बागवानी, राकेश चंद को स्वास्थ्य-बी और बलजीत कुमार को वन-ए विभाग में पदोन्नत किया गया है। राजेश कुमार को भर्ती निदेशालय, नरेश कुमार को मुख्यमंत्री निर्वाचन क्षेत्र और अंजना ठाकुर को कार्मिक-दो में नई जिम्मेदारी मिली है।
नरेंद्र और मन सिंह को शिक्षा-ए विभाग में तैनात किया गया है। बलदेव राज को एसए-टेलीफोन और संजीव शर्मा को जीएडी-ए विभाग में भेजा गया है। पदोन्नति के अलावा चार अधीक्षकों का स्थानांतरण भी किया गया है। रचना शर्मा को भर्ती निदेशालय से एलईपी विभाग में भेजा गया है। प्रकाश चंद को एलईपी से उद्योग-ए विभाग में स्थानांतरित किया गया है। अश्विनी को जीएडी-ए से गृह-सतर्कता विभाग में नई तैनाती मिली है। कृष्ण कुमार को परिवहन विभाग से राजस्व-सी विभाग में भेजा गया है।
चार अफसरों को पदोन्नति का तोहफा, सहायक पंजीयक बने
प्रदेश सरकार ने सहकारिता विभाग में चार अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। जिला लेखा अधिकारी और जिला निरीक्षक के पदों पर कार्यरत भगवती प्रकाश, अनूप राम शर्मा, विजय कुमार और राजेश कुमार को अब सहायक पंजीयक सहकारी समितियां के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन अधिकारियों को लेवल-13 में 46,000 से 1,46,500 रुपये के वेतनमान में नियमित आधार पर पदोन्नति दी गई है। पदोन्नत अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि दो वर्ष होगी। उन्हें पदोन्नति आदेश जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर एफआर-22 के तहत वेतन निर्धारण का विकल्प देना होगा। सहकारिता विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार ये पदोन्नतियां हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई हैं। अधिकारियों को वर्तमान पदस्थापन स्थल से ही कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करनी होगी। नए पदस्थापन के आदेश बाद में अलग से जारी किए जाएंगे।