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हिमाचल: जोधपुर गया ही नहीं सर्वेश शर्मा, ड्रोन प्रतियोगिता में भागीदारी पर आईआईटी ने उठाए सवाल; जानें

Tue, 03 Nov 2026 10:01 AM IST
Ankesh Dogra कमलेश रतन भारद्वाज, हमीरपुर।
कमलेश रतन भारद्वाज, हमीरपुर। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 03 Nov 2026 10:01 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग मिलने का दावा करने वाले छात्र सर्वेश शर्मा का मामला उलझता जा रहा है। आईआईटी जोधपुर ने प्रतियोगिता में उसके पंजीकरण और भागीदारी से इनकार किया है। अब साइबर ठगी की आशंका के बीच तकनीकी शिक्षा विभाग की जांच कमेटी पूरे मामले की पड़ताल करेगी।

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सर्वेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

ड्रोन विकसित करने के नाम पर 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग मंजूर होने का दावा करने वाले छात्र सर्वेश शर्मा के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सर्वेश न तो जोधपुर गया था और न ही आईआईटी जोधपुर की ओर से ड्रोन प्रतियोगिता में उसका पंजीकरण मिला है। आईआईटी के जनसंपर्क विभाग ने प्रतियोगिता में उसकी भागीदारी से मना किया है। ऐसे में चौथा स्थान हासिल करने का दावा भी सवालों के घेरे में आ गया है।

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इस खुलासे के बाद आशंका जताई जा रही है कि सर्वेश साइबर ठगों के जाल में फंसा हुआ था। हालांकि, ठगी किसने और किस तरीके से की, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। आईआईटी जोधपुर और कोणार्क कोर की ओर से 17 और 18 जुलाई को ड्रोन प्रतियोगिता करवाई गई। सर्वेश ने इसी प्रतियोगिता में भाग लेने और चौथा स्थान हासिल करने का दावा किया था। इस संबंध में संस्थान के प्राचार्य चंद्रशेखर और सर्वेश के पिता संजीव शर्मा के बयानों में भी अंतर सामने आया है। प्राचार्य के अनुसार सर्वेश ने उन्हें बताया था कि वह ट्रेन से जोधपुर जाकर प्रतियोगिता में शामिल हुआ। पिता का कहना है कि बेटे ने ऑनलाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बात बताई थी।

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सर्वेश ने 27 अक्तूबर को डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन (डीआईओ) को ईमेल भेजकर साइबर ठगी की शिकायत भी की थी। इसमें उसने अनुबंध और प्रतियोगिता में चौथा स्थान मिलने के प्रमाणपत्र का उल्लेख किया था। जांच मेंपता लगाया जाएगा कि सर्वेश किन लोगों के संपर्क में था, उसे प्रतियोगिता और फंडिंग से संबंधित दस्तावेज किसने उपलब्ध करवाए और 3.5 करोड़ की मंजूरी का दावा किस आधार पर किया गया। कंपनी के पंजीकरण, डीआईओ से हुए पत्राचार और व्हाट्सएप ग्रुप में साझा संदेशों की भी पड़ताल होगी। इधर, तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से गठित जांच कमेटी मंगलवार को बहुतकनीकी संस्थान बड़ू पहुंच सकती है। कमेटी को पूरे प्रकरण के सभी पहलुओं की  जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी है।
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पिता बोले, ऑनलाइन लिया था हिस्सा...सर्वेश के पिता संजीव शर्मा ने बताया कि बेटे ने उन्हें प्रतियोगिता में ऑनलाइन भाग लेने की जानकारी दी थी। वह स्वयं जोधपुर नहीं गया था। उन्होंने कहा कि सर्वेश का स्वास्थ्य अब बेहतर है, लेकिन फिलहाल वह केवल तरल पदार्थ ले पा रहा है। जबड़े की सर्जरी अभी नहीं हुई है।

कमेटी मंगलवार को संस्थान आएगी। सर्वेश ने बताया था कि वह ट्रेन से जोधपुर जाकर प्रतियोगिता में शामिल हुआ, वह अधिक जानकारी साझा नहीं करता था। उसे बेहतर उपचार मिले, इसके लिए प्रयास हो रहे हैं। - चंद्रशेखर, प्राचार्य, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू, हमीरपुर
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