हिमाचल: जोधपुर गया ही नहीं सर्वेश शर्मा, ड्रोन प्रतियोगिता में भागीदारी पर आईआईटी ने उठाए सवाल; जानें
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग मिलने का दावा करने वाले छात्र सर्वेश शर्मा का मामला उलझता जा रहा है। आईआईटी जोधपुर ने प्रतियोगिता में उसके पंजीकरण और भागीदारी से इनकार किया है। अब साइबर ठगी की आशंका के बीच तकनीकी शिक्षा विभाग की जांच कमेटी पूरे मामले की पड़ताल करेगी।
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ड्रोन विकसित करने के नाम पर 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग मंजूर होने का दावा करने वाले छात्र सर्वेश शर्मा के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सर्वेश न तो जोधपुर गया था और न ही आईआईटी जोधपुर की ओर से ड्रोन प्रतियोगिता में उसका पंजीकरण मिला है। आईआईटी के जनसंपर्क विभाग ने प्रतियोगिता में उसकी भागीदारी से मना किया है। ऐसे में चौथा स्थान हासिल करने का दावा भी सवालों के घेरे में आ गया है।
इस खुलासे के बाद आशंका जताई जा रही है कि सर्वेश साइबर ठगों के जाल में फंसा हुआ था। हालांकि, ठगी किसने और किस तरीके से की, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। आईआईटी जोधपुर और कोणार्क कोर की ओर से 17 और 18 जुलाई को ड्रोन प्रतियोगिता करवाई गई। सर्वेश ने इसी प्रतियोगिता में भाग लेने और चौथा स्थान हासिल करने का दावा किया था। इस संबंध में संस्थान के प्राचार्य चंद्रशेखर और सर्वेश के पिता संजीव शर्मा के बयानों में भी अंतर सामने आया है। प्राचार्य के अनुसार सर्वेश ने उन्हें बताया था कि वह ट्रेन से जोधपुर जाकर प्रतियोगिता में शामिल हुआ। पिता का कहना है कि बेटे ने ऑनलाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बात बताई थी।
कमेटी मंगलवार को संस्थान आएगी। सर्वेश ने बताया था कि वह ट्रेन से जोधपुर जाकर प्रतियोगिता में शामिल हुआ, वह अधिक जानकारी साझा नहीं करता था। उसे बेहतर उपचार मिले, इसके लिए प्रयास हो रहे हैं। - चंद्रशेखर, प्राचार्य, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू, हमीरपुर