{"_id":"6936e4ed80359048ef037881","slug":"sanjauli-mosque-muslim-community-claims-mosque-has-been-on-record-for-110-years-2025-12-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Sanjauli Mosque: मुस्लिम समुदाय का दावा, 110 साल से रिकॉर्ड में है मस्जिद; नक्शे के लिए निगम में करेंगे आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sanjauli Mosque: मुस्लिम समुदाय का दावा, 110 साल से रिकॉर्ड में है मस्जिद; नक्शे के लिए निगम में करेंगे आवेदन
Mon, 08 Dec 2025 08:19 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 08 Dec 2025 08:19 PM IST
सार
Sanjauli Mosque Case Update: बालूगंज में सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष नजाकत हाशमी ने कहा कि 1915 से अब तक के रिकॉर्ड में संजौली में मस्जिद का नाम दर्ज है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
संजौली मस्जिद/1915 का रेवेन्यू रिकॉर्ड दिखाते संगठन के अध्यक्ष नजाकत अली
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संजौली मस्जिद को लेकर मामला फिर गरमा गया है। ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन ने दावा किया है कि संजौली में जिस जमीन पर मस्जिद बनी है, वह राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन मस्जिद के नाम से ही दर्ज है। इस तरह मस्जिद अवैध नहीं है।
विज्ञापन
बालूगंज में सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष नजाकत हाशमी ने कहा कि 1915 से अब तक के रिकॉर्ड में संजौली में मस्जिद का नाम दर्ज है। कहा कि हाल ही में शिमला शहर में हिंदू संगठनों की ओर से जो प्रदर्शन किए गए, उनमें मस्जिद को लेकर कुछ गलत तथ्य पेश किए गए हैं। कहा कि 1915 के राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार खसरा नंबर 107 गैर मुमकिन मस्जिद दर्ज है। राजस्व रिकॉर्ड 1997-98 के अनुसार भी खसरा नंबर 107 में मालिक के कॉलम में सरकार दर्ज है जबकि काश्त में मस्जिद दर्ज है। इस तरह यह मस्जिद अवैध नहीं है।
विज्ञापन
कहा कि साल 2013 में मस्जिद कमेटी ने वर्तमान ढांचा पास करने के लिए नगर निगम में आवेदन दिया था लेकिन इस पर आज तक निगम की अेार से आपत्ति नहीं आई। इस आवेदन के साथ ही मस्जिद की मंजिलें बढ़ाने की अनुमति भी मांगी थी ताकि नमाजियों की बढ़ती संख्या को सुविधा मिल सके। माना कि उपरी मंजिलें अवैध थी और इसे हटा भी दिया गया है। अब निचली मंजिलों के नक्शे को पास करने के लिए दोबारा नगर निगम आयुक्त के पास आवेदन करेंगे। अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले पर अभी हाईकोर्ट ने स्टे दिया है। नौ मार्च को अगली सुनवाई होनी है। कोर्ट से जो भी आदेश होंगे, वह हमें मान्य होंगे।
विज्ञापन
संजौली मस्जिद मामले में पूरी टाइमलाइन
2013
मस्जिद कमेटी ने शिमला नगर निगम (MC) में नक्शा पास कराने और ऊपरी मंजिलें बढ़ाने का आवेदन दिया। निगम ने आपत्ति न जताई, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। ऊपरी मंजिलें अवैध मानी गईं।
2009-2023 (14-16 साल)
मामला एमसी आयुक्त की अदालत में लंबित। 50 से ज्यादा सुनवाइयां हुईं। 2023 में वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी।
31 अगस्त 2024
संजौली के पास मल्याणा/मेहली में स्थानीय दुकानदार विक्रम सिंह पर मुस्लिम युवकों द्वारा हमला। इससे तनाव बढ़ा और अवैध निर्माण का मुद्दा फिर उभरा।
4 सितंबर 2024
कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में मस्जिद निर्माण को अवैध बताया। जमीन का मालिकाना हक सरकार का दावा किया। BJP ने सरकार पर हमला बोला।
5 सितंबर 2024
हिंदू संगठनों (हिंदू जागरण मंच, देव भूमि शक्ति संघ) ने चौरा मैदान में प्रदर्शन। मस्जिद गिराने और वक्फ बोर्ड खत्म करने की मांग।
7 सितंबर 2024
नगर निगम आयुक्त की अदालत में सुनवाई। वक्फ बोर्ड ने मालिकाना हक का दावा किया। अदालत ने पूछा कि एक मंजिला मस्जिद कैसे 5 मंजिला बनी।
8 सितंबर 2024
वक्फ बोर्ड ने मस्जिद पर कब्जा लिया। अवैध निर्माण स्वीकार किया। इमाम हटाया।
11 सितंबर 2024
संजौली में हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन। 10 लोग घायल। पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार की। संजौली बंद का आह्वान।
12 सितंबर 2024
ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर कमेटी ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन दिया। अवैध हिस्सा सील करने और खुद गिराने की पेशकश। सद्भाव बनाए रखने का आह्वान।
5 अक्टूबर 2024
नगर निगम आयुक्त की अदालत ने ऊपरी 3 मंजिलें अवैध घोषित कर 2 महीने में गिराने का आदेश। अगली सुनवाई 21 दिसंबर।
3 मई 2025
नगर निगम आयुक्त की अदालत ने पूरी मस्जिद अवैध घोषित कर गिराने का अंतिम आदेश। वक्फ बोर्ड को समय मांगा।
17 मई 2025
वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने MC आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी।
30 अक्टूबर 2025
जिला अदालत ने MC आदेश को सही ठहराया। पूरी मस्जिद 30 दिसंबर तक गिराने का आदेश।
मध्य नवंबर 2025
हिंदू संगठनों (देवभूमि संघर्ष समिति) ने जुमे की नमाज पर बैन की मांग। महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन कर DC को ज्ञापन दिया। धरना शुरू।
23 मई 2025
जुमे की नमाज के दौरान हंगामा। हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा पाठ की।
27-28 नवंबर 2025
वक्फ बोर्ड ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर। हिंदू संगठनों ने शस्त्र पूजन कर आंदोलन तेज करने की चेतावनी। 29 नवंबर को बड़ा फैसला संभावित।
3 दिसंबर 2025
हिमाचल हाईकोर्ट ने ऊपरी 3 मंजिलें गिराने का आदेश दोहराया। निचली 2 मंजिलों पर स्टेटस क्वो (स्टे)। 2 फ्लोर पहले ही गिराए जा चुके।
7 दिसंबर 2025
मस्जिद कमेटी अध्यक्ष लतीफ साहब ने इमरान प्रतापगढ़ी से मुलाकात कर स्टे पर बधाई दी। कानूनी लड़ाई की सराहना।
8 दिसंबर 2025
ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन ने नगर निगम आयुक्त को आवेदन देने का एलान। 1915 के रिकॉर्ड का हवाला देकर नक्शा पास कराने की योजना। विवाद फिर गरमाया।
2013
मस्जिद कमेटी ने शिमला नगर निगम (MC) में नक्शा पास कराने और ऊपरी मंजिलें बढ़ाने का आवेदन दिया। निगम ने आपत्ति न जताई, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। ऊपरी मंजिलें अवैध मानी गईं।
2009-2023 (14-16 साल)
मामला एमसी आयुक्त की अदालत में लंबित। 50 से ज्यादा सुनवाइयां हुईं। 2023 में वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी।
31 अगस्त 2024
संजौली के पास मल्याणा/मेहली में स्थानीय दुकानदार विक्रम सिंह पर मुस्लिम युवकों द्वारा हमला। इससे तनाव बढ़ा और अवैध निर्माण का मुद्दा फिर उभरा।
4 सितंबर 2024
कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में मस्जिद निर्माण को अवैध बताया। जमीन का मालिकाना हक सरकार का दावा किया। BJP ने सरकार पर हमला बोला।
5 सितंबर 2024
हिंदू संगठनों (हिंदू जागरण मंच, देव भूमि शक्ति संघ) ने चौरा मैदान में प्रदर्शन। मस्जिद गिराने और वक्फ बोर्ड खत्म करने की मांग।
7 सितंबर 2024
नगर निगम आयुक्त की अदालत में सुनवाई। वक्फ बोर्ड ने मालिकाना हक का दावा किया। अदालत ने पूछा कि एक मंजिला मस्जिद कैसे 5 मंजिला बनी।
8 सितंबर 2024
वक्फ बोर्ड ने मस्जिद पर कब्जा लिया। अवैध निर्माण स्वीकार किया। इमाम हटाया।
11 सितंबर 2024
संजौली में हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन। 10 लोग घायल। पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार की। संजौली बंद का आह्वान।
12 सितंबर 2024
ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर कमेटी ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन दिया। अवैध हिस्सा सील करने और खुद गिराने की पेशकश। सद्भाव बनाए रखने का आह्वान।
5 अक्टूबर 2024
नगर निगम आयुक्त की अदालत ने ऊपरी 3 मंजिलें अवैध घोषित कर 2 महीने में गिराने का आदेश। अगली सुनवाई 21 दिसंबर।
3 मई 2025
नगर निगम आयुक्त की अदालत ने पूरी मस्जिद अवैध घोषित कर गिराने का अंतिम आदेश। वक्फ बोर्ड को समय मांगा।
17 मई 2025
वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने MC आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी।
30 अक्टूबर 2025
जिला अदालत ने MC आदेश को सही ठहराया। पूरी मस्जिद 30 दिसंबर तक गिराने का आदेश।
मध्य नवंबर 2025
हिंदू संगठनों (देवभूमि संघर्ष समिति) ने जुमे की नमाज पर बैन की मांग। महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन कर DC को ज्ञापन दिया। धरना शुरू।
23 मई 2025
जुमे की नमाज के दौरान हंगामा। हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा पाठ की।
27-28 नवंबर 2025
वक्फ बोर्ड ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर। हिंदू संगठनों ने शस्त्र पूजन कर आंदोलन तेज करने की चेतावनी। 29 नवंबर को बड़ा फैसला संभावित।
3 दिसंबर 2025
हिमाचल हाईकोर्ट ने ऊपरी 3 मंजिलें गिराने का आदेश दोहराया। निचली 2 मंजिलों पर स्टेटस क्वो (स्टे)। 2 फ्लोर पहले ही गिराए जा चुके।
7 दिसंबर 2025
मस्जिद कमेटी अध्यक्ष लतीफ साहब ने इमरान प्रतापगढ़ी से मुलाकात कर स्टे पर बधाई दी। कानूनी लड़ाई की सराहना।
8 दिसंबर 2025
ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन ने नगर निगम आयुक्त को आवेदन देने का एलान। 1915 के रिकॉर्ड का हवाला देकर नक्शा पास कराने की योजना। विवाद फिर गरमाया।
मुस्लिम पक्ष का दावा है झूठ का पुलिंदा : विजय
हिंदू संघर्ष समिति के प्रवक्ता विजय शर्मा ने संजौली मस्जिद को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से की गई प्रेसवार्ता को झूठ का पुलिंदा और सरकार की लिखी हुई सि्क्रप्टि बताया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष का यह दावा कि यह भवन अवैध नहीं है, पूरी तरह गलत है। चार अलग-अलग न्यायालयों में मुस्लिम पक्ष यह मामला हार चुका है और किसी भी न्यायालय ने उनकी दलील को स्वीकार नहीं किया है।
मुस्लिम पक्ष का यह कहना कि 115 वर्षों से यहां मस्जिद है, इसे भी उन्होंने झूठी कहानी बताया। उन्होंने कहा कि यदि इतने वर्षों का हवाला देकर अवैध भवन को वैध करने की कोशिश की जा रही है, तो क्या इतने वर्षों में अवैध रूप से काटे गए सेब-नाशपाती के पेड़ों और अन्य अवैध निर्माणों को भी वैध मान लिया जाए? यह तर्क पूरी तरह गैर-कानूनी और अस्वीकार्य है।
विजय शर्मा ने कहा कि नगर निगम अधिनियम के अनुसार नक्शा तभी पास हो सकता है, जब भूमि का स्वामित्व स्पष्ट और वैध हो। ऐसे में मुस्लिम पक्ष का यह कहना कि वह नीचे की दो मंजिलें नक्शा पास करवाने के लिए पेश करेंगे। यह सरकार और मुस्लिम पक्ष की पहले से रची गई साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस पूरी तरह से सरकार की तैयार की गई स्क्रिप्ट पर आधारित है।
हिंदू संघर्ष समिति के प्रवक्ता विजय शर्मा ने संजौली मस्जिद को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से की गई प्रेसवार्ता को झूठ का पुलिंदा और सरकार की लिखी हुई सि्क्रप्टि बताया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष का यह दावा कि यह भवन अवैध नहीं है, पूरी तरह गलत है। चार अलग-अलग न्यायालयों में मुस्लिम पक्ष यह मामला हार चुका है और किसी भी न्यायालय ने उनकी दलील को स्वीकार नहीं किया है।
मुस्लिम पक्ष का यह कहना कि 115 वर्षों से यहां मस्जिद है, इसे भी उन्होंने झूठी कहानी बताया। उन्होंने कहा कि यदि इतने वर्षों का हवाला देकर अवैध भवन को वैध करने की कोशिश की जा रही है, तो क्या इतने वर्षों में अवैध रूप से काटे गए सेब-नाशपाती के पेड़ों और अन्य अवैध निर्माणों को भी वैध मान लिया जाए? यह तर्क पूरी तरह गैर-कानूनी और अस्वीकार्य है।
विजय शर्मा ने कहा कि नगर निगम अधिनियम के अनुसार नक्शा तभी पास हो सकता है, जब भूमि का स्वामित्व स्पष्ट और वैध हो। ऐसे में मुस्लिम पक्ष का यह कहना कि वह नीचे की दो मंजिलें नक्शा पास करवाने के लिए पेश करेंगे। यह सरकार और मुस्लिम पक्ष की पहले से रची गई साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस पूरी तरह से सरकार की तैयार की गई स्क्रिप्ट पर आधारित है।