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Renuka Singh Thakur: ऊना की मिट्टी में बोया पसीना, विश्व कप की लहलहाई फसल; लोगों ने मनाई छोटी दिवाली
Tue, 04 Nov 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा
केपी पांजला, ऊना।
केपी पांजला, ऊना।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 04 Nov 2025 02:00 AM IST
सार
Renuka Singh Thakur: महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर वर्ष 2021 में उत्तर रेलवे में नौकरी मिलने के बाद रोजाना नंगल से ऊना के इंदिरा गांधी स्टेडियम तक सफर तय करती थीं।
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रेणुका सिंह ठाकुर।
- फोटो : PTI
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विस्तार
महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने ऊना की धरती पर खूब पसीना बहाया है। रेणुका के विश्व कप जीतने की ऊंचाई तक पहुंचने की नींव ऊना की मिट्टी में रखी गई थी। वर्ष 2021 में उत्तर रेलवे में नौकरी मिलने के बाद रेणुका रोजाना नंगल से ऊना के इंदिरा गांधी स्टेडियम तक सफर तय करती थीं।
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सुबह की पहली किरण के साथ मैदान पर उतरना, नेट्स पर घंटों गेंदबाजी करना और थकान के बाद जोश के साथ नौकरी के लिए नंगल जाना, यही वह दिनचर्या थी जिसने रेणुका को विश्व विजेता टीम का हिस्सा बना दिया। उनकी लगातार दो वर्षों तक चली यह मेहनत रंग लाई। पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में चयन, फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन और अब विश्व कप जीत। यह सब उस समर्पण की कहानी है, जो ऊना के मैदान पर शुरू हुई थी। रविवार रात जैसे ही भारत की महिला टीम ने विश्व कप अपने नाम किया, ऊना झूम उठा। लोगों ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी और कहा 'यह जीत हमारी भी है, क्योंकि रेणुका ने यहां की मिट्टी में ही अपना पसीना मिलाया था।'
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आज वही इंदिरा गांधी स्टेडियम, जहां कभी रेणुका सपनों को साकार करने का अभ्यास करती थीं, नई पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा का मैदान बन चुका है। रेणुका ठाकुर ने साबित कर दिया है कि अगर जज्बा अडिग हो, तो छोटी-सी जगह से निकली बेटी भी दुनिया जीत सकती है।
आज इंदिरा गांधी स्टेडियम में जिला क्रिकेट एसोसिएशन महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार कर रहा है। रोजाना 20 से 25 खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए इंदिरा गांधी स्टेडियम में पहुंच रही हैं। चार महिला खिलाड़ी एचपीसीए में खेल रही हैं। इनमें हरोली के बीटन की कृतिका का हाल में अंडर-19 के लिए चयन भी हुआ है। इसके अलावा हरोली की वैभवी, आर्य अग्निहोत्री और अंबोटा नंगल की अंशिका संदल भी ऊना की धरती से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। अब वे एचपीसीए धर्मशाला में प्रशिक्षण ले रही हैं। भारतीय टीम के विजेता बनने के बाद ये खिलाड़ी भी बहुत खुश हैं। ऊना में अशीम, अशोक ठाकुर, राहुल शर्मा समेत कई प्रशिक्षक क्रिकेट के गुर सिखा रहे हैं।
वरिष्ठ क्रिकेट टीम के कैंप में दो खिलाड़ी शामिल
ऊना जिले की दो खिलाड़ी हिमाचल सीनियर क्रिकेट टीम के कैंप में विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें हरोली के बीटन की कृतिका और घनारी की मानवी शर्मा शामिल हैं। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों के अनुसार दोनों में क्रिकेट के प्रति बहुत दीवानगी है। उम्मीद है ये दोनों विश्व में पहचान बनाएंगी।
ऊना जिले की दो खिलाड़ी हिमाचल सीनियर क्रिकेट टीम के कैंप में विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें हरोली के बीटन की कृतिका और घनारी की मानवी शर्मा शामिल हैं। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों के अनुसार दोनों में क्रिकेट के प्रति बहुत दीवानगी है। उम्मीद है ये दोनों विश्व में पहचान बनाएंगी।
ऊना की कंचन स्वीडन टीम की कप्तान
जिले के छोटे से गांव बहडाला की बेटी कंचन राणा स्वीडन महिला क्रिकेट टीम की कप्तान बन चुकी हैं। वर्ष 1990 में बहडाला गांव में जन्मीं कंचन का बचपन छत्तीसगढ़ में बीता है। मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलते हुए उन्होंने क्रिकेट के गुर सीखे। कंचन न सिर्फ हिमाचल बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन किया है।
बेहद खुशी की बात है कि ऊना में प्रैक्टिस कर चुकीं रेणुका विश्व विजेता टीम का हिस्सा बनी हैं। वे दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जिला की महिला जूनियर और सीनियर महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी भी शानदार खेल रही हैं।- मदन पुरी, अध्यक्ष, जिला क्रिकेट एसोसिएशन ऊना
जिले के छोटे से गांव बहडाला की बेटी कंचन राणा स्वीडन महिला क्रिकेट टीम की कप्तान बन चुकी हैं। वर्ष 1990 में बहडाला गांव में जन्मीं कंचन का बचपन छत्तीसगढ़ में बीता है। मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलते हुए उन्होंने क्रिकेट के गुर सीखे। कंचन न सिर्फ हिमाचल बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन किया है।
बेहद खुशी की बात है कि ऊना में प्रैक्टिस कर चुकीं रेणुका विश्व विजेता टीम का हिस्सा बनी हैं। वे दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जिला की महिला जूनियर और सीनियर महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी भी शानदार खेल रही हैं।- मदन पुरी, अध्यक्ष, जिला क्रिकेट एसोसिएशन ऊना