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अधिकारी पंचायतों में बनाएंगे वन अधिकार समितियां : जगत सिंह नेगी

Mon, 07 Apr 2025 11:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Apr 2025 11:46 PM IST
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Workshop organized on Forest Rights Act-2006 in Rampur College
वन ​​अ​धिकार कानून 2006 को लेकर रामपुर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में मौजूद वि​भिन्न पंचायतों क
रामपुर कॉलेज में वन अधिकार अधिनियम-2006 पर कार्यशाला का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। वन अधिकार अधिनियम-2006 पर सोमवार को विकास खंड रामपुर और ननखड़ी वनाधिकार समितियों के सदस्यों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रामपुर कॉलेज हुआ। इस कार्यशाला की अध्यक्षता राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने की। राजस्व मंत्री ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम- 2006 को लेकर एसडीएम स्तर के अधिकारी हर पंचायत में जाएंगे और पंचायतों में वन अधिकार समितियों का गठन करेंगे।

उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर, 2005 से प्राथमिक रूप से वन भूमि में निवास करने वाले अनुसूचित जनजाति श्रेणी के सदस्य या समुदाय, 13 सितंबर, 2005 से पूर्व कम से कम तीन पीढ़ियों यानी 75 साल से प्राथमिक रूप से वन भूमि पर निवास करने वाले परंपरागत वनवासी के सदस्य या समुदाय, जो अपनी आजीविका की वास्तविक जरूरत के लिए वन या वन भूमि पर निर्भर है। इन्हें व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामुदायिक वन संसाधनों की सुरक्षा और प्रबंधन का अधिकार है। वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इस कानून के तहत विभिन्न स्तरों गांव, उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर समितियां का गठन करने का प्रावधान है। हर समिति को भूमिका और जिम्मेदारी दी गई है और वन अधिकार अधिनियम के कानून में विस्तार से बताया गया है। राजस्व मंत्री ने वन अधिकार कार्यशाला में बताया कि वन अधिकार कानून लोगों की वन भूमि पर आधिकारिक आजीविका को सुरक्षा देने के साथ-साथ ग्रामसभा को सामुदायिक और वन संसाधनों की सुरक्षा संरक्षण एवं प्रबंधन का अधिकार और जिम्मेदारी भी देता है। किसी भी परियोजना में वनभूमि के हस्तांतरण से पहले वन अधिकार कानून के तहत अधिकारों को निहित करने और मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी होना चाहिए। इसके लिए ग्रामसभा में 50 प्रतिशत कोरम से अनापत्ति प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इस कार्यशाला में पंचायतों के प्रधानों ने कई सवाल किए, जिनके मंत्री ने जवाब भी दिए। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी नागरिक रामपुर निशांत तोमर, डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा, प्रदेश इंटक उपाध्यक्ष बिहारी सेवागी, वन मंडलाधिकारी गुरहर्ष, कॉलेज प्राचार्य डाॅ. पंकज बसोतिया, उपप्राचार्य विद्या बंधु, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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