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Rampur Bushahar News: 1500 मेगावाट परियोजना की वर्कर यूनियन ने किया प्रदर्शन

Tue, 23 Jun 2026 11:09 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:09 PM IST
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Workers raised their voices against project management under the banner of CITU
झाकड़ी में मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारी। स्रोत : सीट
सीटू के बैनर तले परियोजना प्रबंधन के खिलाफ गरजे मजदूर
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मांगों के पूरा न होने तक जारी रहेगा आंदोलन : गुरदास

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। नवरत्न सतलुज जल विद्युत निगम की 1500 मेगावाट नाथपा-झाकड़ी परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। मांगें पूरी न होने को लेकर मजदूरों में खासा रोष है। मंगलवार को सीटू के बैनर तले मजदूरों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला और जमकर नारेबाजी की। मजदूर यूनियन ने चेताया कि मांगें पूरी न होने तक मजदूरों का आंदोलन जारी रहेगा। एसजेवीएन की नाथपा-झाकड़ी परियोजना के मजदूर अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन परियोजना प्रबंधन की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है, जिससे मजदूरों में खासा रोष है। मंगलवार को यूनियन के उपाध्यक्ष गुरदास ने कहा कि मजदूरों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना प्रमुख की ओर से कुछ कर्मचारियों को राइजिंग डे के नाम पर प्रोत्साहन राशि दी गई है, लेकिन इसमें भी मजदूरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है और कुछ कर्मचारियों को ऊपर-नीचे करके असमान व्यवहार अपनाया जा रहा है। सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीआईएस डिपार्टमेंट के मजदूरों का सितंबर 2025 माह का ईपीएफ अंशदान अभी तक कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं किया गया है, जिससे मजदूरों में भारी रोष है। यूनियन के महासचिव कामराज ने कहा कि प्रबंधन की ओर से यूनियन के मांगपत्र पर कोई ठोस चर्चा नहीं की जा रही है। लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों के समाधान के लिए कई बार आग्रह किए जाने के बावजूद प्रबंधन उदासीन बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधन की होगी। प्रदर्शन में मजदूरों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
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