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Rampur Bushahar News: पत्नी के चरित्र था शक, इसलिए ली जान
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नेरवा (रोहडू)। सेब बहुल मडावग के लांबा गांव में पुलिस ने पत्नी के हत्यारे नेपाली मूल के व्यक्ति से पूछताछ शुरू की है। उसने पुलिस के सामने खुलासा किया कि उसको पत्नी के चरित्र पर शक होने के बाद मारपीट के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
रात के समय हत्या के बाद शव को खेत में गड्ढा बना कर दबाया गया था। पत्नी की हत्या के आरोपी गोपाल ने बागवान सुनील ब्रागटा के बगीचे में करीब अढ़ाई महीने पूर्व शव को दफना दिया था। अब दो दिन पहले बगीचे में दुर्गंध आने पर इस हत्याकांड से पर्दा उठा है। पुलिस की ओर से आरोपी से अब तक की गई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पति को शक था कि पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध थे।
चरित्र पर शक को लेकर दोनों में पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में गोपाल ने बताया कि वारदात वाले दिन आधी रात को डेरे के बाहर कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी। बाहर उसकी पत्नी माया किसी से अंधेरे में बात कर रही थी। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई और उसकी पत्नी ने उसकी टांग पर पत्थर से वार कर दिया। गोपाल ने पुलिस को बताया कि पत्नी के पत्थर मारने से उसे गुस्सा आ गया और उसने उसे वहीं मार दिया। घबराहट में आकर अपना गुनाह छिपाने के उद्देश्य से माया के शव को अपने डेरे के समीप ही बगीचे में बनी नाली के एक गढ्ढे में दबाया, इसके बाद उसके ऊपर घास-फूस डालकर पत्थरों से दबा दिया था।
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रात के समय हत्या के बाद शव को खेत में गड्ढा बना कर दबाया गया था। पत्नी की हत्या के आरोपी गोपाल ने बागवान सुनील ब्रागटा के बगीचे में करीब अढ़ाई महीने पूर्व शव को दफना दिया था। अब दो दिन पहले बगीचे में दुर्गंध आने पर इस हत्याकांड से पर्दा उठा है। पुलिस की ओर से आरोपी से अब तक की गई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पति को शक था कि पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध थे।
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चरित्र पर शक को लेकर दोनों में पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में गोपाल ने बताया कि वारदात वाले दिन आधी रात को डेरे के बाहर कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी। बाहर उसकी पत्नी माया किसी से अंधेरे में बात कर रही थी। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई और उसकी पत्नी ने उसकी टांग पर पत्थर से वार कर दिया। गोपाल ने पुलिस को बताया कि पत्नी के पत्थर मारने से उसे गुस्सा आ गया और उसने उसे वहीं मार दिया। घबराहट में आकर अपना गुनाह छिपाने के उद्देश्य से माया के शव को अपने डेरे के समीप ही बगीचे में बनी नाली के एक गढ्ढे में दबाया, इसके बाद उसके ऊपर घास-फूस डालकर पत्थरों से दबा दिया था।
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