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दलोग गांव में पेयजल टैंक से हो रहा रिसाव, बगीचे को पहुंच रहा नुकसान
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रामपुर बुशहर। उपमंडल की नरैण पंचायत के दलोग गांव में जलशक्ति विभाग का खस्ताहाल पेयजल टैंक ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वर्षों से पेयजल टैंक से पानी का रिसाव हो रहा है। ऐसे में जहां वर्षों से रोजाना व्यर्थ में पेयजल बह रहा है, वहीं पानी के रिसाव से बगीचे को भी नुकसान पहुंच रहा है। शिकायत के बावजूद जलशक्ति विभाग पेयजल टैंक को दुरुस्त नहीं कर रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
दलोग गांव के नाकक्षीब नाल में जलशक्ति विभाग ने पेयजल टैंक बनाया है। इस टैंक से गांव की करीब 50 बस्तियों की प्यास बुझती है। लेकिन, विभागीय लापरवाही के चलते वर्षों से पेयजल टैंक से पानी व्यर्थ बह रहा है। वहीं, पानी के रिसाव से बगीचे में सेब के पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। यदि जल्द खस्ताहाल पेयजल टैंक की मरम्मत नहीं की गई या इसे यहां से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया तो सेब के दर्जनों पौधे खतरे की जद में आ जाएंगे। ग्रामीणों के मुताबिक खस्ताहाल पेयजल टैंक को दुरुस्त करने के लिए विभाग से कई बार मरम्मत करने की फरियाद लगाई लेकिन बावजूद इसके तीन वर्षों से समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
इंद्रजीत कायथ, लोकेंद्र ठाकुर, बंटी कायथ, रोहित राणा, रोहित कायथ, ललित कायथ, सतवीर कायथ और रमन कायथ सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि खस्ताहाल पेयजल टैंक मरम्मत करने या फिर इसे यहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश विभाग को दिए जाएं। यदि जल्द टैंक को दुरुस्त नहीं किया गया तो पेयजल रिसाव से भूस्खलन होने पर रामपुर-रोहड़ू मार्ग धंसने से आवाजाही बाधित हो सकती है। जलशक्ति विभाग तकलेच के सहायक अभियंता यशपाल ठाकुर ने कहा कि टैंक का मामला ध्यान में है। एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
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दलोग गांव के नाकक्षीब नाल में जलशक्ति विभाग ने पेयजल टैंक बनाया है। इस टैंक से गांव की करीब 50 बस्तियों की प्यास बुझती है। लेकिन, विभागीय लापरवाही के चलते वर्षों से पेयजल टैंक से पानी व्यर्थ बह रहा है। वहीं, पानी के रिसाव से बगीचे में सेब के पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। यदि जल्द खस्ताहाल पेयजल टैंक की मरम्मत नहीं की गई या इसे यहां से दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया तो सेब के दर्जनों पौधे खतरे की जद में आ जाएंगे। ग्रामीणों के मुताबिक खस्ताहाल पेयजल टैंक को दुरुस्त करने के लिए विभाग से कई बार मरम्मत करने की फरियाद लगाई लेकिन बावजूद इसके तीन वर्षों से समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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इंद्रजीत कायथ, लोकेंद्र ठाकुर, बंटी कायथ, रोहित राणा, रोहित कायथ, ललित कायथ, सतवीर कायथ और रमन कायथ सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि खस्ताहाल पेयजल टैंक मरम्मत करने या फिर इसे यहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश विभाग को दिए जाएं। यदि जल्द टैंक को दुरुस्त नहीं किया गया तो पेयजल रिसाव से भूस्खलन होने पर रामपुर-रोहड़ू मार्ग धंसने से आवाजाही बाधित हो सकती है। जलशक्ति विभाग तकलेच के सहायक अभियंता यशपाल ठाकुर ने कहा कि टैंक का मामला ध्यान में है। एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
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