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Rampur Bushahar News: पुल टूटा, सेब मंडी तक पहुुंचाने की राह हुई मुश्किल

Tue, 15 Sep 2026 11:38 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:38 PM IST
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Villagers from five panchayats are facing difficulties due to the collapse of a Bailey bridge in Sangla
सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद
सांगला में बेली ब्रिज टूटने से पांच पंचायतों ग्रामीण झेल रहे हैं परेशानी
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ग्राउंड रिपोर्ट : दो माह बाद भी बेली ब्रिज की निर्माण प्रक्रिया नहीं हो पाई शुरू

3 लाख सेब की पेटियों को मंडी पहुंचाने की बढ़ी चिंता

बागवानों को पिकअप में ढोना पड़ेगा सेब, बढ़ेगी भाड़े की समस्या

पुल निर्माण की नींव को लेकर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, लटका कार्य

क्षेत्र में 20 सितंबर से शुरू होगा सेब सीजन
पुल टूटा, सेब मंडी तक पहुुंचाने राह हुई मुश्किल

संवाद न्यूज एजेंसी

सांगला (किन्नौर)।
देश के सीमवर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाली कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क पर बना पुल (बेली ब्रिज) दो महीने पूर्व ध्वस्त हो गया था। इसके बाद से सांगला घाटी की पांच पंचायतों के हजारों ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। अब सेब सीजन सिर पर है और बागवानों को अपनी नकदी फसल सेब मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। सेब की लाखों पेटियां मंडियों तक कैसे पहुंचेंगी, इसे लेकर बागवान खासे मायूस हैं। बागवानों के पास केवल वैकल्पिक सड़क का ही सहारा है। यहां से भी केवल पिकअप के जरिये सेब की ढुलाई हो सकेगी। ऐसे में बागवानों को नकदी फसल मंडी तक पहुंचाने में आर्थिक मार झेलनी पड़ेगी। बीती 13 जुलाई की रात सांगला में बेली ब्रिज भारी बारिश के कारण भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से सांगला, थेमगारंग, बटसेरी, रकछम और छितकुल पंचायतों के ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्तमान में वाया पुलिस थाना सांगला और तहसील कार्यालय होते हुए आवाजाही चल रही है, लेकिन इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही मुश्किल है। इस कारण क्षेत्र के बागवानों की चिंता बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में हर वर्ष सेब की करीब तीन लाख पेटियों का उत्पादन होता है और 20 सितंबर से सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बागवानों की करोड़ों रुपये की आर्थिकी पर सड़क का संकट खड़ा हो गया है। बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडियों तक पहुंचाने में परेशानियां झेलनी पड़ेंगी, क्योंकि अब उन्हें सेब पिकअप और मजदूरों के जरिये मंडियों तक पहुंचाना पड़ेगा। बड़े वाहनों में जहां एक बार में पिकअप की तुलना में कई गुना अधिक सेब ढोने की सुविधा मिलती थी, वहीं अब बागवानों को छोटे वाहनों में अधिक भाड़ा देने को मजबूर होना पड़ेगा। कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क अब सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन है। जहां बेली ब्रिज टूटा है, उसकी नींव के स्थान को लेकर कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज की है। ऐसे में बेली ब्रिज का निर्माण लटका हुआ है और कब पूरा होगा, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। बागवानों के साथ-साथ देश-विदेश से सांगला और छितकुल पहुंचने वाले पर्यटकों तथा भारतीय सेना के भारी वाहनों को भी आवाजाही में मुश्किल हो रही है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और बागवानों ने जल्द बेली ब्रिज का निर्माण कर राहत देने की मांग उठाई है।
क्षेत्र के लोगों ने कहा
सांगला के प्रधान प्रविंद्र सिंह नेगी ने बताया कि दो माह का समय गुजर गया है, लेकिन अब तक पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने सीमा सड़क संगठन से जल्द पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई है।
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बटसेरी की प्रधान कांता नेगी ने कहा कि क्षेत्र में इस वर्ष सेब की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन सांगला का बेली ब्रिज ढहने से बागवानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। बागवानों को अपनी नकदी फसल छोटे वाहनों में ढोने को मजबूर होना पड़ेगा।
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रकछम की प्रधान सुनीला नेगी ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी सेब पर निर्भर है, लेकिन बेहतर यातायात सुविधा न होने से बागवानों को परेशानियों के साथ आर्थिक मार भी झेलनी पड़ेगी। भारी वाहनों में सेब को मंडी तक पहुंचाना आसान है, जबकि छोटे वाहनों में समय और ढुलाई दोनों बढ़ेंगे।
व्यापार मंडल सांगला के अध्यक्ष भूपेश नेगी ने कहा कि क्षेत्र में सेब की लाखों पेटियों को मंडी भेजना चुनौतीपूर्ण बन गया है। बागवानों के लिए अब तक राहत की कोई खबर नहीं आई है। उन्होंने जल्द बेली ब्रिज तैयार कर राहत पहुंचाने की मांग उठाई है।


बेली ब्रिज निर्माण को लेकर चल रही प्रक्रिया पर कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। मामला न्यायालय के विचाराधीन है। इस कारण पुल निर्माण की नींव नहीं बन पा रही है। अब यहां 150 फीट लंबा पुल बनेगा, जिसका सामान चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से मंगाया गया है। -- अक्षय दुबे, ओसी पोवारी, सीमा सड़क संगठन

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

सांगला पंचायत प्रधान प्रविंद्र नेगी। संवाद

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