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वेतन नहीं मिलने पर बिफरे मजदूर, नप कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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वेतन न मिलने को लेकर रामपुर में विरोध प्रदर्शन करते नगर परिषद के ठेका मजदूर।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर ठेका मजदूर यूनियन संबंधित सीटू ने मजदूरों को वेतन नहीं मिलने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। यूनियन ने बताया कि 2 ठेका मजदूरों को पिछले 6 महीने और अन्य मजदूरों को सितंबर माह से वेतन नहीं मिला है। इसके विरोध में वीरवार को यूनियन ने नप रामपुर कार्यालय के बाहर मोर्चा खोला।
सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, दिनेश मेहता, अमित, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि नगर परिषद के अंदर कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को लंबे समय से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। दो मजदूरों को पिछले छह महीने का वेतन नहीं मिला है।
इस विषय में बार-बार लिखित और मौखिक रुप से नगर परिषद प्रबंधन, ठेकेदार को इस विषय में अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसके कारण इन ठेका मजदूरों को महंगाई के दौर में कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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रामपुर नगर परिषद में ठेका मजदूरों पर किसी भी प्रकार के श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2021 से निर्धारित किए गए न्यूनतम वेतन, जो प्रतिदिन 300 रुपये है, को अभी तक लागू नहीं किया गया है। अभी तक का मजदूरों को न्यूनतम वेतन से कम वेतन दिया गया है।
मजदूरों को लूटा जा रहा है, जिसे यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी। धरने के माध्यम से चेताया कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यूनियन आंदोलन को तेज करेगी। इसके साथ ही कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने का काम भी बंद कर दिया जाएगा। इस मौके पर राजू राणा, मोती राम, मनिता, तारामणि, ललिता, रजनी, सोमारी, सीता, उस्तानी, रजनी, बीरमानिय, सोनिया, चिंता और नीलम सहित अन्य मौजूद रहे।
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सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, दिनेश मेहता, अमित, यूनियन अध्यक्ष देवेंद्र और महासचिव ललिता ने कहा कि नगर परिषद के अंदर कार्य कर रहे सभी ठेका मजदूरों को लंबे समय से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। दो मजदूरों को पिछले छह महीने का वेतन नहीं मिला है।
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इस विषय में बार-बार लिखित और मौखिक रुप से नगर परिषद प्रबंधन, ठेकेदार को इस विषय में अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसके कारण इन ठेका मजदूरों को महंगाई के दौर में कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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रामपुर नगर परिषद में ठेका मजदूरों पर किसी भी प्रकार के श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2021 से निर्धारित किए गए न्यूनतम वेतन, जो प्रतिदिन 300 रुपये है, को अभी तक लागू नहीं किया गया है। अभी तक का मजदूरों को न्यूनतम वेतन से कम वेतन दिया गया है।
मजदूरों को लूटा जा रहा है, जिसे यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी। धरने के माध्यम से चेताया कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यूनियन आंदोलन को तेज करेगी। इसके साथ ही कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने का काम भी बंद कर दिया जाएगा। इस मौके पर राजू राणा, मोती राम, मनिता, तारामणि, ललिता, रजनी, सोमारी, सीता, उस्तानी, रजनी, बीरमानिय, सोनिया, चिंता और नीलम सहित अन्य मौजूद रहे।