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एसएसबी सराहन में दीक्षांत समारोह में नवाजे प्रशिक्षु जवान
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शालाबाग स्थित एसएसबी कैंप में दीक्षांत समारोह के दौरान मौजूद जवान।
- फोटो : RAMPUR-HP
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। एसएसबी सराहन में दीक्षांत परेड समारोह धूमधाम से मनाया गया। एसएसबी बल मुख्यालय दिल्ली के डीआईजी एचबीके सिंह ने दीक्षांत परेड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर नए प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दीं।
दीक्षांत समारोह में सब से पहले मुख्यातिथि डीआईजी एचबीके सिंह ने परेड की सलामी ली और तीन वर्षों से अधिक समय के कठोर प्रशिक्षण में अव्वल रहे प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया। 250 नव आरक्षी प्रशिक्षुओं में ओवर आल फर्स्ट की ट्रॉफी प्रशिक्षु सुरजीत नेहरा के नाम रही, जबकि बेस्ट फायर का धनश्याम, शारीरिक और खेलकूद में मुकेश कुमार, वेशभूषा अनुशासन में राजेश, इंडोर ट्रेनिंग में अमन शर्मा और आउट डोर गतिविधियों में अमित कुमार सहित सभी को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दी और बताया कि प्रशिक्षित नव आरक्षियों की भारत, नेपाल और भूटान सीमा पर तैनाती की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। वहीं, नव प्रशिक्षुओं ने पीटी और कई डेमो का प्रदर्शन किया।
एसएसबी के ट्रेनिंग सेंटर सराहन में 250 प्रशिक्षणार्थियों ने 44 सप्ताह की बुनियादी प्रशिक्षण सफलता पूर्ण करने के पश्चात दीक्षांत परेड के बाद पूर्ण सैनिक का दर्जा हासिल किया। 44 सप्ताह की निश्चित अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को कठोर शारीरिक दक्षता, क्रॉस कंट्री, बीपीआईटी, ओबस्टेकल और हथियारों को चलाने की विस्तृत जानकारी दी जाती है। इन जवानों को भूमि कला, युद्ध कौशल कला, मैप रीडिंग ड्रिल, इंटेलिजेंस, सीमा प्रबंधन, कानून, संचार, आपदा प्रबंधन, कंप्यूटर, विशेष उपकरण जीपीएस, मेटल डिटेक्टर, एनवीडी सहित जाली करेंसी की जांच आदि विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाती है और ज्ञान के बाद पूर्ण सैनिक तैयार किया जाता है।
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इस अवसर पर प्रशिक्षण केंद्र सराहन के कार्यवाहक कमांडेंट अनिल कुमार, डिप्टी कमांडेंट करन चौहान, आईटीबीपी 43वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील कांडपाल, सेकेंड कमांडेंट पी सिद्धिक, सीआईएसएफ झाकड़ी के डिप्टी कमांडेंट दीपक ठाकुर, डीएसपी रामपुर चंद्र शेखर, आरओ सराहन सतीश कुमार, प्रिंसिपल केंद्रीय विद्यालय बलवंत सिंह और सीआर कौशल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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दीक्षांत समारोह में सब से पहले मुख्यातिथि डीआईजी एचबीके सिंह ने परेड की सलामी ली और तीन वर्षों से अधिक समय के कठोर प्रशिक्षण में अव्वल रहे प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया। 250 नव आरक्षी प्रशिक्षुओं में ओवर आल फर्स्ट की ट्रॉफी प्रशिक्षु सुरजीत नेहरा के नाम रही, जबकि बेस्ट फायर का धनश्याम, शारीरिक और खेलकूद में मुकेश कुमार, वेशभूषा अनुशासन में राजेश, इंडोर ट्रेनिंग में अमन शर्मा और आउट डोर गतिविधियों में अमित कुमार सहित सभी को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दी और बताया कि प्रशिक्षित नव आरक्षियों की भारत, नेपाल और भूटान सीमा पर तैनाती की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। वहीं, नव प्रशिक्षुओं ने पीटी और कई डेमो का प्रदर्शन किया।
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एसएसबी के ट्रेनिंग सेंटर सराहन में 250 प्रशिक्षणार्थियों ने 44 सप्ताह की बुनियादी प्रशिक्षण सफलता पूर्ण करने के पश्चात दीक्षांत परेड के बाद पूर्ण सैनिक का दर्जा हासिल किया। 44 सप्ताह की निश्चित अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को कठोर शारीरिक दक्षता, क्रॉस कंट्री, बीपीआईटी, ओबस्टेकल और हथियारों को चलाने की विस्तृत जानकारी दी जाती है। इन जवानों को भूमि कला, युद्ध कौशल कला, मैप रीडिंग ड्रिल, इंटेलिजेंस, सीमा प्रबंधन, कानून, संचार, आपदा प्रबंधन, कंप्यूटर, विशेष उपकरण जीपीएस, मेटल डिटेक्टर, एनवीडी सहित जाली करेंसी की जांच आदि विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाती है और ज्ञान के बाद पूर्ण सैनिक तैयार किया जाता है।
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इस अवसर पर प्रशिक्षण केंद्र सराहन के कार्यवाहक कमांडेंट अनिल कुमार, डिप्टी कमांडेंट करन चौहान, आईटीबीपी 43वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील कांडपाल, सेकेंड कमांडेंट पी सिद्धिक, सीआईएसएफ झाकड़ी के डिप्टी कमांडेंट दीपक ठाकुर, डीएसपी रामपुर चंद्र शेखर, आरओ सराहन सतीश कुमार, प्रिंसिपल केंद्रीय विद्यालय बलवंत सिंह और सीआर कौशल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।