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Rampur Bushahar News: 12 हजार वाहनों के बोझ तले आनी, पार्किंग के अभाव में रोज लग रहा जाम
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. विद्यार्थी, मरीज, कर्मचारी सहित अन्य लोग झेल रहे परेशानी
. ग्रामीण क्षेत्रों से कस्बे पहुंचने वाले पार्किंग के लिए दर-दर भटकने को मजबूर
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आनी कस्बे में पार्किंग की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। उपमंडल में वाहनों की संख्या 12 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है लेकिन इसके अनुरूप पार्किंग की स्थायी व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। ऐसे में रोजाना बाजार में जाम लगना आम बात बन गई है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों से आवश्यक कार्यों के लिए कस्बे में आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें वाहन खड़ा करने के लिए लंबे समय तक इधर-उधर भटकना पड़ता है। वर्तमान में पंचायत की ओर से बनाया गया पार्किंग स्थल केवल 70 से 80 वाहनों की क्षमता रखता है। इसके भर जाने के बाद वाहन चालकों के पास सड़क के किनारे वाहन खड़े करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। अब एनएच के किनारे भी वाहनों को खड़ा करने पर रोक लगाए जाने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। नए बस अड्डे के पास भी बड़ी संख्या में पिकअप वाहन खड़े रहने से उपलब्ध स्थान और कम हो जाता है। पहले राजा रघुवीर सिंह स्टेडियम परिसर में बड़ी संख्या में वाहन खड़े किए जाते थे लेकिन हाल ही में पंचायत प्रतिनिधियों ने वहां से भी वाहनों को हटवा दिया है। इसके बाद पार्किंग संकट और गहरा गया है। बाजार में कई बार कुछ मिनट के काम के लिए आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की जगह तलाशने में ही काफी समय लग जाता है। व्यापार मंडल आनी के अध्यक्ष विनोद चंदेल ने कहा कि जब तक बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण नहीं होता, तब तक रोपड़ी, किरण बाजार, जाबन क्षेत्र और अस्पताल रोड जैसे स्थानों पर छोटे-छोटे पार्किंग स्थल विकसित किए जाने चाहिए। उनका कहना है कि इससे बाजार क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को भी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से बहुमंजिला पार्किंग की मांग उठाई जा रही है लेकिन अभी तक यह योजना घोषणाओं और आश्वासनों से आगे नहीं बढ़ पाई है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए अब स्थायी समाधान की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
कस्बे में बढ़ते वाहनों को देखते हुए बहुमंजिला पार्किंग समय की आवश्यकता है। इस दिशा में रूपरेखा तैयार कर स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।-- लक्ष्मण सिंह कनेट, एसडीएम आनी
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. ग्रामीण क्षेत्रों से कस्बे पहुंचने वाले पार्किंग के लिए दर-दर भटकने को मजबूर
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आनी कस्बे में पार्किंग की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। उपमंडल में वाहनों की संख्या 12 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है लेकिन इसके अनुरूप पार्किंग की स्थायी व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। ऐसे में रोजाना बाजार में जाम लगना आम बात बन गई है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों से आवश्यक कार्यों के लिए कस्बे में आने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें वाहन खड़ा करने के लिए लंबे समय तक इधर-उधर भटकना पड़ता है। वर्तमान में पंचायत की ओर से बनाया गया पार्किंग स्थल केवल 70 से 80 वाहनों की क्षमता रखता है। इसके भर जाने के बाद वाहन चालकों के पास सड़क के किनारे वाहन खड़े करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। अब एनएच के किनारे भी वाहनों को खड़ा करने पर रोक लगाए जाने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। नए बस अड्डे के पास भी बड़ी संख्या में पिकअप वाहन खड़े रहने से उपलब्ध स्थान और कम हो जाता है। पहले राजा रघुवीर सिंह स्टेडियम परिसर में बड़ी संख्या में वाहन खड़े किए जाते थे लेकिन हाल ही में पंचायत प्रतिनिधियों ने वहां से भी वाहनों को हटवा दिया है। इसके बाद पार्किंग संकट और गहरा गया है। बाजार में कई बार कुछ मिनट के काम के लिए आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की जगह तलाशने में ही काफी समय लग जाता है। व्यापार मंडल आनी के अध्यक्ष विनोद चंदेल ने कहा कि जब तक बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण नहीं होता, तब तक रोपड़ी, किरण बाजार, जाबन क्षेत्र और अस्पताल रोड जैसे स्थानों पर छोटे-छोटे पार्किंग स्थल विकसित किए जाने चाहिए। उनका कहना है कि इससे बाजार क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को भी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से बहुमंजिला पार्किंग की मांग उठाई जा रही है लेकिन अभी तक यह योजना घोषणाओं और आश्वासनों से आगे नहीं बढ़ पाई है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए अब स्थायी समाधान की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
कस्बे में बढ़ते वाहनों को देखते हुए बहुमंजिला पार्किंग समय की आवश्यकता है। इस दिशा में रूपरेखा तैयार कर स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।
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