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Rampur Bushahar News: कार हादसे में मौत के मामले में आरोपी बरी
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रक्त में शराब की मात्रा मिलने के बावजूद दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं
चकली में हुआ था हादसा, एक की मौत और दो हुए थे घायल
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित की सत्र न्यायाधीश किन्नौर की अदालत ने सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने के मामले में आरोपी हितेश कुमार को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि हादसे के समय कार आरोपी चला रहा था या उसकी लापरवाही से दुर्घटना हुई थी। आरोपी के रक्त में शराब की मात्रा मिलने के बावजूद अदालत ने इसे दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त नहीं माना।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 और 12 जुलाई 2021 की मध्यरात्रि करीब 2:30 बजे चकली के पास सेंट्रो कार सड़क से नीचे खाई में गिर गई थी। हादसे में विजय कुमार चौहान की मौके पर मौत हो गई, जबकि हितेश कुमार और कमल चौहान घायल हो गए थे। जांच के दौरान आरोपी हितेश कुमार के रक्त का नमूना लेकर राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला जुन्गा भेजा गया। रिपोर्ट में रक्त में 98.2 मिलीग्राम प्रतिशत एथिल अल्कोहल पाया गया। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 279, 337 और 304-ए के तहत मामला चलाया। अदालत में अभियोजन ने 10 गवाह पेश किए।
मामले में कार में सवार कमल चौहान ने अदालत में बयान दिया कि हादसे के समय कार विजय चौहान चला रहा था। उसने दुर्घटना का कारण सड़क की खराब हालत और बारिश को बताया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। मामले के शिकायतकर्ता ने भी अदालत में यह याद होने से इन्कार किया कि हितेश चालक की तरफ के दरवाजे में फंसा हुआ था। अदालत ने कहा कि केवल दुर्घटना हो जाने से यह साबित नहीं होता कि चालक लापरवाही या उतावलेपन से गाड़ी चला रहा था। अभियोजन को यह प्रमाणित करना जरूरी था कि आरोपी ही वाहन चला रहा था और उसकी ड्राइविंग का तरीका मानव जीवन या दूसरों की सुरक्षा के लिए खतरा बना। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी के रक्त में शराब मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वही दुर्घटना के समय वाहन चला रहा था।
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चकली में हुआ था हादसा, एक की मौत और दो हुए थे घायल
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित की सत्र न्यायाधीश किन्नौर की अदालत ने सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने के मामले में आरोपी हितेश कुमार को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि हादसे के समय कार आरोपी चला रहा था या उसकी लापरवाही से दुर्घटना हुई थी। आरोपी के रक्त में शराब की मात्रा मिलने के बावजूद अदालत ने इसे दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त नहीं माना।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 और 12 जुलाई 2021 की मध्यरात्रि करीब 2:30 बजे चकली के पास सेंट्रो कार सड़क से नीचे खाई में गिर गई थी। हादसे में विजय कुमार चौहान की मौके पर मौत हो गई, जबकि हितेश कुमार और कमल चौहान घायल हो गए थे। जांच के दौरान आरोपी हितेश कुमार के रक्त का नमूना लेकर राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला जुन्गा भेजा गया। रिपोर्ट में रक्त में 98.2 मिलीग्राम प्रतिशत एथिल अल्कोहल पाया गया। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 279, 337 और 304-ए के तहत मामला चलाया। अदालत में अभियोजन ने 10 गवाह पेश किए।
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मामले में कार में सवार कमल चौहान ने अदालत में बयान दिया कि हादसे के समय कार विजय चौहान चला रहा था। उसने दुर्घटना का कारण सड़क की खराब हालत और बारिश को बताया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। मामले के शिकायतकर्ता ने भी अदालत में यह याद होने से इन्कार किया कि हितेश चालक की तरफ के दरवाजे में फंसा हुआ था। अदालत ने कहा कि केवल दुर्घटना हो जाने से यह साबित नहीं होता कि चालक लापरवाही या उतावलेपन से गाड़ी चला रहा था। अभियोजन को यह प्रमाणित करना जरूरी था कि आरोपी ही वाहन चला रहा था और उसकी ड्राइविंग का तरीका मानव जीवन या दूसरों की सुरक्षा के लिए खतरा बना। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी के रक्त में शराब मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वही दुर्घटना के समय वाहन चला रहा था।
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