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एसडीएम ने आग से बचाव के लिए सभी मंदिरों में अग्निशमन यंत्र लगाने के दिए निर्देश
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चौपाल(रोहडू)। उपमंडल अधिकारी चौपाल चेत सिंह ने कहा कि इन दिनों लोगों की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में घास की कटाई की जा रही है, इस कारण आग लगने का खतरा बढ़ गया है। हर साल सर्दियों के महीने में आग से लाखों रुपये की संपत्ति राख हो जाती है।
एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी चौपाल और कुपवी को एक पत्र लिखकर सूचित किया है कि सभी पंचायत प्रधानों, सचिव, वार्ड सदस्य के माध्यम से आम जनता को सूचित करें कि वे अपने मकानों के नजदीक घास इकट्ठा ने करें। अपने मकानों के नजदीक पानी का भंडारण करें, ताकि आपात स्थिति में आग की घटना से बचा जा सके।
इसके अलावा उन्होंने तहसीलदार चौपाल, नेरवा और कुपवी को भी पत्र लिखकर सूचित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले मंदिरों का निरीक्षण करके मंदिर संचालन समिति को हिदायत दें कि मंदिरों को आग की क्षति से बचाने के लिए अग्निशमन यंत्र लगाएं। उन्होंने कहा कि उपमंडल में अधिकतर मंदिर लकड़ी से बने हैं। इसके चलते आग लगने की संभावना बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि अग्निशमन यंत्र आग से बचाव की एक युक्ति है जिसकी सहायता से छोटे आकार की आग को बुझाया जा सकता है या उसे नियंत्रण में रखा जा सकता है। यह प्राय: आपातकालीन स्थितियों में उपयोग किया जाता है जिसमें एक ऐसा पदार्थ भरा रहता है जिसे छोड़ने पर आग बुझाने में सहायक होता है।
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एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी चौपाल और कुपवी को एक पत्र लिखकर सूचित किया है कि सभी पंचायत प्रधानों, सचिव, वार्ड सदस्य के माध्यम से आम जनता को सूचित करें कि वे अपने मकानों के नजदीक घास इकट्ठा ने करें। अपने मकानों के नजदीक पानी का भंडारण करें, ताकि आपात स्थिति में आग की घटना से बचा जा सके।
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इसके अलावा उन्होंने तहसीलदार चौपाल, नेरवा और कुपवी को भी पत्र लिखकर सूचित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले मंदिरों का निरीक्षण करके मंदिर संचालन समिति को हिदायत दें कि मंदिरों को आग की क्षति से बचाने के लिए अग्निशमन यंत्र लगाएं। उन्होंने कहा कि उपमंडल में अधिकतर मंदिर लकड़ी से बने हैं। इसके चलते आग लगने की संभावना बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि अग्निशमन यंत्र आग से बचाव की एक युक्ति है जिसकी सहायता से छोटे आकार की आग को बुझाया जा सकता है या उसे नियंत्रण में रखा जा सकता है। यह प्राय: आपातकालीन स्थितियों में उपयोग किया जाता है जिसमें एक ऐसा पदार्थ भरा रहता है जिसे छोड़ने पर आग बुझाने में सहायक होता है।
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