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Rampur Bushahar News: एचपीएमसी केंद्रों में स्प्रे ऑयल की भारी किल्लत, खाली लौट रहे बागवान
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पांच केनी तेल देने का प्रावधान होने के बावजूद नहीं मिल रहा स्प्रे ऑयल
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)।
एचपीएमसी के केंद्रों में स्प्रे ऑयल की भारी कमी के चलते बागवानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि कई-कई घंटे कतारों में खड़े रहने के बाद भी बागवानों को जरूरी कृषि सामग्री नहीं मिल पा रही और खाली लौटना पड़ रहा है। इसके चलते बागवानों में भारी रोष है। बागवान भगत राम, राजिंद्र, चेतराम, जोगिंद्र चौहान का कहना है कि एचपीएमसी केंद्र में एचएमओ और टीएसओ (स्प्रे ऑयल) की एक गाड़ी पहुंचती है। वह भी कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है। एक ही गाड़ी आने के कारण सैकड़ों बागवान केंद्रों पर उमड़ पड़ते हैं, लेकिन सीमित सामग्री होने से अधिकांश को निराशा ही हाथ लगती है। स्थिति यह है कि प्रति बागवान केवल पांच केनी तेल देने का प्रावधान होने के बावजूद भी कई बागवानों को स्प्रे ऑयल नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा एचपीएमसी केंद्रों पर अन्य आवश्यक बागवानी उपकरण भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इससे बागवानों में सरकार और एचपीएमसी प्रबंधन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। बागवानों का कहना है कि वे रोजाना एचपीएमसी के चक्कर काट रहे हैं। सुबह 7:00 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा स्टॉक खत्म हो जाने से खाली हाथ लौटना पड़ता है। बागवानों ने बताया कि इस समय सेब के पौधों में स्प्रे ऑयल का छिड़काव बेहद जरूरी है। समय पर छिड़काव न होने की स्थिति में फसल पर रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे आने वाले सीजन में उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। बागवानों ने सरकार और एचपीएमसी प्रबंधन से मांग की है कि स्प्रे ऑयल सहित अन्य आवश्यक कृषि उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें समय पर सामग्री मिल सके और बागवानी कार्य प्रभावित न हों।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)।
एचपीएमसी के केंद्रों में स्प्रे ऑयल की भारी कमी के चलते बागवानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि कई-कई घंटे कतारों में खड़े रहने के बाद भी बागवानों को जरूरी कृषि सामग्री नहीं मिल पा रही और खाली लौटना पड़ रहा है। इसके चलते बागवानों में भारी रोष है। बागवान भगत राम, राजिंद्र, चेतराम, जोगिंद्र चौहान का कहना है कि एचपीएमसी केंद्र में एचएमओ और टीएसओ (स्प्रे ऑयल) की एक गाड़ी पहुंचती है। वह भी कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती है। एक ही गाड़ी आने के कारण सैकड़ों बागवान केंद्रों पर उमड़ पड़ते हैं, लेकिन सीमित सामग्री होने से अधिकांश को निराशा ही हाथ लगती है। स्थिति यह है कि प्रति बागवान केवल पांच केनी तेल देने का प्रावधान होने के बावजूद भी कई बागवानों को स्प्रे ऑयल नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा एचपीएमसी केंद्रों पर अन्य आवश्यक बागवानी उपकरण भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इससे बागवानों में सरकार और एचपीएमसी प्रबंधन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। बागवानों का कहना है कि वे रोजाना एचपीएमसी के चक्कर काट रहे हैं। सुबह 7:00 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा स्टॉक खत्म हो जाने से खाली हाथ लौटना पड़ता है। बागवानों ने बताया कि इस समय सेब के पौधों में स्प्रे ऑयल का छिड़काव बेहद जरूरी है। समय पर छिड़काव न होने की स्थिति में फसल पर रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे आने वाले सीजन में उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। बागवानों ने सरकार और एचपीएमसी प्रबंधन से मांग की है कि स्प्रे ऑयल सहित अन्य आवश्यक कृषि उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें समय पर सामग्री मिल सके और बागवानी कार्य प्रभावित न हों।