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Rampur Bushahar News: बसें कम, सेवाएं आधे रास्ते में तोड़ रहीं दम

Sun, 09 Aug 2026 11:37 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:37 PM IST
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18 बसों के सहारे आनी की 50 हजार की आबादी, 15 बसों की कमी
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59 से सिमटकर 29 रह गए रूट, पुरानी बसों के भरोसे ग्रामीणों की परिवहन व्यवस्था

बसें खराब होने का दस्तूर जारी, आनी से जाबो रूट बस बिनन में खराब


हरिकृष्ण शर्मा

आनी (कुल्लू)।
प्रदेश के हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) डिपो को नई बसें मिलीं लेकिन आनी सब डिपो को एक भी नई बस नहीं मिल पाई है। इस कारण एक तो आनी में बसें कम हैं, वहीं एचआरटीसी की बस सेवाएं आधे रास्तेे में दम तोड़ रही हैं। करीब 50 हजार की आबादी और 38 पंचायतों वाले आनी उपमंडल में परिवहन व्यवस्था महज 18 बसों के सहारे चल रही है। क्षेत्र में 33 से अधिक बसों की जरूरत है। ऐसे में करीब 15 बसों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। बसों की कमी के साथ कई खटारा बसें भी लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। रविवार दोपहर आनी से जाबो जाने वाली बस बिनन में खराब हो गई। जाबो में पहले से ही एक बस खराब खड़ी है। आए दिन बसों के रास्ते में खराब होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार निजी वाहनों का सहारा लेकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। बसों की कमी का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण रूटों पर पड़ा है। कभी आनी सब डिपो से 59 रूटों पर बस सेवाएं संचालित होती थीं लेकिन अब इनकी संख्या घटकर महज 29 रह गई है। कई रूटों को मर्ज कर दिया गया है। इससे दूरदराज के गांवों से आनी बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। आनी सब डिपो के तहत उपमंडल की 38 पंचायतों के अलावा करसोग उपमंडल के छतरी और नाबीधार क्षेत्र को भी बस सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। इतने बड़े क्षेत्र में सीमित बसों के सहारे परिवहन व्यवस्था संचालित करना हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के लिए चुनौती बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आनी को लंबे समय से नई बसों का इंतजार है। अधिकांश बसें पांच से सात वर्ष से अधिक पुरानी हैं और कई बार रास्ते में खराब हो जाती हैं। यात्रियों का कहना है कि सफर शुरू करने से पहले ही यह चिंता रहती है कि बस गंतव्य तक पहुंचेगी या नहीं। आनी को मई 2010 में बस सब डिपो का दर्जा मिला था। लोगों को उम्मीद थी कि इससे क्षेत्र में बस सेवाओं का विस्तार होगा लेकिन 16 वर्ष बाद भी परिवहन व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन से आनी को नई बसें उपलब्ध करवाने की मांग की है। साथ ही बंद और मर्ज किए गए रूटों को बहाल करने की मांग की है।


बसों की कमी के कारण कुछ रूट प्रभावित हुए हैं। जाबो जाने वाली बस बिनन में खराब हुई है। बस को जल्द ठीक करवाया जाएगा। -- इंद्र सिंह ठाकुर, अड्डा प्रभारी आनी
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