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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   The process of flowering in apple orchards has stopped due to falling temperatures

Rampur Bushahar News: तापमान गिरने से सेब बगीचों में थमी फूल निकलने की प्रक्रिया

Wed, 18 Mar 2026 11:12 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:12 PM IST
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ठंड से प्रक्रिया का रुकना कई बार फायदेमंद, विशेषज्ञों ने निगरानी की दी सलाह
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। खराब मौसम और लगातार तापमान में आई गिरावट का असर सेब के बगीचों में साफ दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों से ठंड बढ़ने के कारण सेब के पौधों में फूल निकलने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है, जबकि कई बगीचों में सप्ताह तक की देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम तापमान में पौधों की क्रियाएं स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती हैं, जिससे कली फूटने और फूल बनने की गति प्रभावित होती है। बागवानी विशेषज्ञों के मुताबिक सेब में कलियों का विकास तापमान, धूप, मिट्टी में नमी और पौधों की आंतरिक जैविक सक्रियता पर निर्भर करता है। जब तापमान सामान्य से नीचे चला जाता है, तो पौधे अपनी ऊर्जा वृद्धि और पुष्पन के बजाय संरक्षण में लगाते हैं। इस कारण इस बार फूल निकलने की प्रक्रिया में करीब एक सप्ताह की देरी होने का अनुमान है। हालांकि, विशेषज्ञ इसे पूरी तरह नकारात्मक संकेत नहीं बता रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. उषा शर्मा का कहना है कि ठंड के कारण प्रक्रिया का रुकना कई बार फायदेमंद भी साबित होता है, क्योंकि बहुत जल्दी फूल आने के बाद पाला, ओलावृष्टि या तेज हवाओं से नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। अभी तापमान कम रहने से पौधों की वृद्धि नियंत्रित है। मौसम खुलने और तापमान संतुलित होने के बाद कली विकास दोबारा तेजी पकड़ सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सकारात्मक पहलू यह है कि हाल ही में बारिश और बर्फबारी से जमीन में पर्याप्त नमी पहुंची है। यह नमी जड़ों की सक्रियता, पोषक तत्वों के घुलनशील रूप में उपलब्ध होने और आगामी फल विकास के लिए लाभकारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा, पाला या तेज ओले नहीं पड़े, तो सेब की फसल अच्छी रहने की संभावना है। फिलहाल, बागवानों को सलाह दी गई है कि वे बगीचों में नमी संरक्षण, संतुलित पोषण और रोग-निगरानी पर विशेष ध्यान दें।
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