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Rampur Bushahar News: कोयल गांव के लोगों ने खुद ठीक करवाया सिंचाई कूहल

Tue, 27 May 2025 11:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 27 May 2025 11:27 PM IST
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The people of Koyal village got the irrigation canal repaired themselves
कोयल में सिंचाई कूहल को दूरूस्त करने में लगे ग्रामीण। स्त्रोत जागरूक पाठक
जलशक्ति विभाग से कई बार लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई तो खुद आगे आए ग्रामीण
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सिंचाई कूहल दुरुस्त होने से हजारों किसानों को होगा फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। जब सरकार और विभाग ने नहीं सुनी गुहार, तो गांववालों ने खुद सिंचाई कूहल को दुरुस्त कर अपने बंजर खेतों को हरा-भरा किया। गडेज पंचायत के कोयल में क्षतिग्रस्त कूहल को ग्रामीणों ने मंगलवार को दुरुस्त कर दिया। गांव के पास पच्चीस सौ बीघा की जमीन है, जिसकी सिंचाई इस नहर से होती है। पिछले दो साल पहले भारी बरसात से नहर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। उसके बाद पंचायत के लोगों ने इस कूहल को दुरुस्त करने के लिए जलशक्ति विभाग, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से गुहार लगाई। जलशक्ति विभाग की ओर से जल्द ठीक करने का आश्वासन मिला, लेकिन कूहल ठीक न होने से पंचायत के किसानों की भूमि दो साल से बंजर पड़ी हुई थी। लोग अनाज तो बीज रहे थे, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न होने के कारण खेत पूरी तरह सूख गए थे। प्रधान ग्राम पंचायत गड़ेज तारा सिंह कायथ ने कहा है कि कूहल का पानी आज तक जमीनों तक नहीं पहुंचा। किसान विकास संघ कोयल और पूरे गांव के युवाओं और बुजुर्गों की मेहनत का नतीजा है कि कई दिनों तक हर दिन गांव से पचास से ज्यादा लोगों का समूह रोजाना कूहल को दुरुस्त करने जाता था। आज यह कूहल दुरुस्त हो गई है।

बेहद उपजाऊ में कोयल की भूमि
कोयल की भूमि बेहद ही उपजाऊ है। यहां के किसान सबसे से ज्यादा धान का उत्पादन करते हैं। यहां सबसे ज्यादा उत्पादन नेरीनेट चावल का होता है, जिसका मूल्य इन दिनों 100 रुपये प्रतिकिलो है। इसके अलावा 180 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाले बेगमी और बासमती चावल और 150 रुपये किलो बिकने वाले लाल चावल का उत्पादन होता है। गेहूं और नकदी फसलों के अलावा यहां पर सेब का भी उत्पादन होता है।

कोयल में सिंचाई कूहल को दूरूस्त करने में लगे ग्रामीण। स्त्रोत जागरूक पाठक

कोयल में सिंचाई कूहल को दूरूस्त करने में लगे ग्रामीण। स्त्रोत जागरूक पाठक

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