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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   The municipal corporation imposed property tax on the newly merged area as no facilities were available.

Rampur Bushahar News: न्यू मर्ज एरिया में सुविधाएं मिली नहीं, नगर निगम ने लगा दिया संपत्ति कर

Fri, 08 May 2026 01:19 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 01:19 AM IST
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सलोगड़ा, बसाल, आंजी, सपरून, शामती के किसानों को नहीं मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ
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पांच साल पहले मर्ज किए क्षेत्रों में आज तक नहीं दी कोई भी सुविधा
लोगों ने नगर निगम चुनाव के बहिष्कार की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम सोलन में न्यू मर्ज एरिया के लोग परेशान हैं। जहां एक ओर पांच साल बाद भी वह मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, वहीं कृषकों को सरकारी योजनाओं का कोई भी फायदा नहीं मिल पा रहा है। साथ ही बिना सुविधाओं के ही अब इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर नगर निगम ने संपत्ति कर लगाना शुरू कर दिया है। सलोगड़ा, बसाल, आंजी, सपरून, शामती आदि कई पंचायतों से लोगों को पांच साल पहले नगर निगम में जोड़ा गया था। इन क्षेत्रों के लोगों ने नगर निगम के चुनाव का बहिष्कार करने की भी चेतावनी दे दी है। इस संदर्भ में सलोगड़ा के कथोग गांव के लोगों ने भी एक संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति ने मुख्यमंत्री को उपायुक्त के माध्यम से एक ज्ञापन भेजा है, जिसमें उन्होंने नगर निगम में जुड़ने के बाद उन्हें आ रही समस्याओं से अवगत करवाया और वापस पंचायत में विलय करने की मांग उठाई है। स्थानीय निवासी सतीश धीमान, रमेश चंद, रमेश कौंडल, विनोद कुमार, वेद प्रकाश आदि के अनुसार उन्हें हाल ही में नगर निगम सोलन की सीमाओं में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कथोग क्षेत्र को शामिल करने से पहले स्थानीय ग्राम पंचायत और निवासियों की कोई सहमति नहीं ली गई। यह निर्णय पूरी तरह से थोपा हुआ महसूस होता है। गांव में आय के साधन सीमित हैं। नगर निगम में शामिल होने से ग्रामीणों पर भारी-भरकम संपत्ति कर और अन्य शहरी शुल्क थोपे जा रहे हैं, जिन्हें चुकाने में गरीब किसान और ग्रामीण असमर्थ हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यह कदम स्थानीय ग्रामीणों की कृषि योग्य भूमि को बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों के लाभ के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे उनकी विरासत और भविष्य की सुरक्षा दाव पर लग गई है। नगर निगम के विस्तार के बावजूद धरातल पर सुविधाओं के नाम पर कथोग क्षेत्र में कुछ भी नया नहीं है। ग्रामीण परिवेश में जटिल शहरी नियम लागू करना तर्कसंगत नहीं है। कथोग के ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं वे मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे। यदि उनकी सुनवाई नहीं होती है तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, उपायुक्त मनमोहन शर्मा का कहना है कि लोगाें के विरोध को सरकार को भेजा गया है। इसमें सरकार ही निर्णय ले सकती है।
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