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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   The infection of disease on leaves is not stopping in Rohru, the quality of fruits is getting affected

Rampur Bushahar News: समय से पहले पतझड़ से छीन रहा बगीचों का वसंत

Thu, 07 Aug 2025 11:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 11:51 PM IST
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रोहड़ू में पत्तों पर बीमारी का संक्रमण नहीं थम रहा, फलों की गुणवत्ता हो रही प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। कई दिनों से लगातार बारिश के बाद सेब के बगीचों में पत्तों पर पीले और हल्के काले धब्बे तेजी से फैलने शुरू हो गए हैं। धीरे-धीरे पत्तों पर बीमारी का संक्रमण तेज होने से पत्ते गिर रहे हैं। विशेषज्ञ के दौरे और दवाइयों के छिड़काव के बाद भी बीमारी पर कोई असर नहीं पड़ा है। समय से पहले पतझड़ बगीचों का वसंत न छीन ले, अब बागवानों को यह चिंता सताने लगी है। बागवान राकेश ठाकुर, विरेंद्र शर्मा और जगदीश चौहान ने बताया कि इस साल उद्यान विभाग की ओर जारी छिड़काव सारिणी के अनुसार ही बगीचों में दवाइयों का छिड़काव किया। विशेषज्ञों की राय के अनुसार बगीचों का प्रबंधन किया, लेकिन बीमारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। बगीचों में एक महीने तक लगातार दवाइयों का छिड़काव किया, तो बीमारी थम रही थी। अब दोबारा खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण पत्तों पर बीमारी का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बगीचों में पतझड़ नहीं रुक रहा है। सेब सीजन पूरा होने में अभी एक महीने का समय बचा है। यदि समय पर बीमारी को नहीं रोका गया, तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रोहड़ू, जुब्बल-कोटखाई के अधिकांश बगीचों में 70 प्रतिशत तक पत्ते खराब हो गए हैं। फल धूप और बारिश में खराब हो रहे है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दवाइयों की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान शुरू किया जाए। कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू के प्रभारी एवं बागवानी विशेषज्ञ डॉ. उषा शर्मा ने कहा कि बारिश के बाद मार्सोनिना और अल्टरनेरिया की बीमारी का संक्रमण पत्तों पर तेजी से फैलता है। यदि बीमारी को रोका नहीं गया, तो फसल खराब होने की संभावना रहती है। समय से पहले पत्ते गिरने से पौधा कमजोर हो जाता है। इस कारण अगले साल भी फसल प्रभावित होने की संभावना रहती है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि इसकी रोकथाम के लिए विशेषज्ञ की राय के अनुसार दवाइयों का इस्तेमाल करें। जानकारी के लिए विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं। गलत छिड़काव से बागवानों को नुकसान की संभावना रहेगी।
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