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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   The government should start purchasing C-grade apples and increase the number of procurement centres soon

सी-ग्रेड सेब की खरीद हो शुरू और खरीद केंद्रों की संख्या जल्द बढ़ाए सरकार : कौल सिंह

Fri, 07 Aug 2026 11:01 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:01 PM IST
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सी-ग्रेड सेब की खरीद हो शुरू और खरीद केंद्रों की संख्या जल्द बढ़ाए सरकार : कौल सिंह
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. भाजपा नेता ने सी-ग्रेड सेब की खरीदारी पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर और ननखड़ी क्षेत्र में बागवानों के सी-ग्रेड सेब खरीद में देरी को लेकर सरकार और हिमफेड के उदासीन रवैये पर भाजपा ने रोष जताया है। भाजपा नेता कौल सिंह ने कहा कि रामपुर उपमंडल के निचले क्षेत्रों में सेब सीजन जुलाई माह से शुरू हो चुका है। निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब सीजन लगभग समाप्त हो चुका है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों सेब सीजन चल रहा है, लेकिन यहां पर हिमफेड की ओर से स्थापित केंद्रों में अभी तक सी-ग्रेड सेब खरीदना शुरू नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बागवानों के सी-ग्रेड सेब की खरीद के लिए एचपीएमसी की ओर से एमआईएस मंडी मध्यस्थता योजना के तहत विभिन्न स्थानों पर खरीद केंद्र स्थापित किए जाते हैं, लेकिन इस वर्ष सरकार ने निर्णय लिया है कि सी-ग्रेड सेब की खरीद हिमफेड करेगा। रामपुर उपमंडल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि ननखड़ी खंड में बीते साल एचपीएमसी की ओर से एमआईएस के तहत 14 खरीद केंद्र संचालित थे। इस वर्ष हिमफेड की ओर से केवल 5 केंद्र खोले गए हैं। इसी प्रकार रामपुर खंड में बीते साल 12 केंद्र संचालित थे। इस साल सिर्फ एक ही केंद्र खनोग में खोला गया है। उन्होंने बताया कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जिन स्थापित सेब खरीद केंद्रों को खोला भी गया है, उनमें अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई है। निचले क्षेत्रों में सेब सीजन खत्म हो चुका है और गर्मी के कारण सी-ग्रेड सेब खराब होने की संभावना भी अधिक है। खरीद में इस देरी के कारण क्षेत्र के बागवानों में भारी चिंता है। उन्हें डर है कि उनका सी-ग्रेड सेब घर पर ही न रह जाए। कहा कि इस वर्ष पहले ही सेब की पैदावार कम है और बागवान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में खरीद में देरी से उन्हें और नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि हिमफेड की ओर से स्थापित सभी खरीद केंद्रों पर तुरंत प्रभाव से सेब खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए। सेब खरीद की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। पोर्टल और दस्तावेज संबंधी औपचारिकताओं को आसान किया जाए, ताकि बागवानों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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