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Rampur Bushahar News: ठियोग में 21 जुलाई को सजेगा शह मात का खेल
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अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस पर होगा प्रतियोगिता का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के उपलक्ष्य में 21 जुलाई को ठियोग में अंडर-13 शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का आयोजन एसपी लोहिया फाउंडेशन और हिमाचल स्टेट चेस एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एसपी लोहिया फाउंडेशन की शिखर पहल के तहत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।
प्रतियोगिता विशेष रूप से 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आयोजित की जा रही है, ताकि उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके। इस पहल का उद्देश्य विशेषकर वंचित समुदायों के बच्चों के बीच शतरंज को शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि शतरंज से बच्चों में एकाग्रता, अनुशासन, तार्किक सोच और रणनीतिक निर्णय लेने जैसी महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रतियोगिता में क्षेत्रभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शतरंज प्रेमियों की भागीदारी की उम्मीद है।आयोजकों का मानना है कि इस आयोजन से जमीनी स्तर पर शतरंज को बढ़ावा मिलेगा और छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के उपलक्ष्य में 21 जुलाई को ठियोग में अंडर-13 शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का आयोजन एसपी लोहिया फाउंडेशन और हिमाचल स्टेट चेस एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एसपी लोहिया फाउंडेशन की शिखर पहल के तहत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।
प्रतियोगिता विशेष रूप से 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आयोजित की जा रही है, ताकि उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके। इस पहल का उद्देश्य विशेषकर वंचित समुदायों के बच्चों के बीच शतरंज को शिक्षा और व्यक्तित्व विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में बढ़ावा देना है।
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उन्होंने बताया कि शतरंज से बच्चों में एकाग्रता, अनुशासन, तार्किक सोच और रणनीतिक निर्णय लेने जैसी महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रतियोगिता में क्षेत्रभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शतरंज प्रेमियों की भागीदारी की उम्मीद है।आयोजकों का मानना है कि इस आयोजन से जमीनी स्तर पर शतरंज को बढ़ावा मिलेगा और छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा।
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