{"_id":"6810dbe60fa4805acc015bac","slug":"the-doors-of-chudhar-shirgul-dev-temple-will-open-from-may-1-rampur-hp-news-c-19-1-sml1055-525206-2025-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: चूड़धार शिरगुल देव मंदिर के कपाट एक मई से खुलेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: चूड़धार शिरगुल देव मंदिर के कपाट एक मई से खुलेंगे
विज्ञापन
चूडधार मंदिर हिमपात के बाद अब खुलेगे कपाट
शिमला और सिरमौर की 11765 फीट ऊंची चोटी पर विराजमान भगवान शंकर के दर्शन के लिए जा सकेंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू) । चूड़धार स्थित शिरगुल देवता मंदिर के कपाट हर साल की तरह एक मई को अधिकारिक तौर पर खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु भगवान शिव और शिरगुल देवता के दर्शन के लिए जा सकेंगे। इस साल कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु बम भोले के जयकारों के साथ जिला शिमला और सिरमौर की 11765 फीट ऊंची चोटी पर विराजमान भगवान शंकर की भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए जाते हैं। मंदिर कमेटी के चेयरमैन और चौपाल के एसडीएम हेम चंद वर्मा ने कहा कि एक मई से यात्रा अधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को चूड़धार में यात्रियों के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला सिरमौर के जौनसार बाबर और जिला सिरमौर, शिमला और सोलन के लोगों में चूड़धार के आंचल में विराजमान देवता शिरगुल महाराज में आस्था है। मई से नवंबर तक इन क्षेत्रों से श्रद्धालु अपने आराध्य देवता और चूड़धार चोटी पर स्थित भगवान शंकर के दर्शन के लिए जाते हैं। इसके अलावा मैदानी इलाकों से भी पर्यटक गर्मी में सुकून पाने के लिए चूड़धार की ठंडी वादियों की ओर रुख करते हैं। यह यात्रा मई से अक्तूबर तक चलती है ।
मंदिर के कपाट खुलने की अधिसूचना के बाद प्रशासन ने चूड़धार यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी सराय भवनों और शौचालयों की साफ-सफाई की जा रही है। चूड़ेश्वर सेवा समिति की ओर से हर साल चूड़धार पहुंचने वाले यात्रियों के लिए लंगर की व्यवस्था की जाती है। मंदिर कमेटी के चेयरमैन और चौपाल के चौपाल हेम चंद वर्मा ने बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद हर वर्ष की भांति इस साल भी मई माह से चूड़धार में कमेटी की कैंटीन शुरू कर उसमें यात्रियों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू) । चूड़धार स्थित शिरगुल देवता मंदिर के कपाट हर साल की तरह एक मई को अधिकारिक तौर पर खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु भगवान शिव और शिरगुल देवता के दर्शन के लिए जा सकेंगे। इस साल कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु बम भोले के जयकारों के साथ जिला शिमला और सिरमौर की 11765 फीट ऊंची चोटी पर विराजमान भगवान शंकर की भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए जाते हैं। मंदिर कमेटी के चेयरमैन और चौपाल के एसडीएम हेम चंद वर्मा ने कहा कि एक मई से यात्रा अधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को चूड़धार में यात्रियों के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला सिरमौर के जौनसार बाबर और जिला सिरमौर, शिमला और सोलन के लोगों में चूड़धार के आंचल में विराजमान देवता शिरगुल महाराज में आस्था है। मई से नवंबर तक इन क्षेत्रों से श्रद्धालु अपने आराध्य देवता और चूड़धार चोटी पर स्थित भगवान शंकर के दर्शन के लिए जाते हैं। इसके अलावा मैदानी इलाकों से भी पर्यटक गर्मी में सुकून पाने के लिए चूड़धार की ठंडी वादियों की ओर रुख करते हैं। यह यात्रा मई से अक्तूबर तक चलती है ।
विज्ञापन
मंदिर के कपाट खुलने की अधिसूचना के बाद प्रशासन ने चूड़धार यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी सराय भवनों और शौचालयों की साफ-सफाई की जा रही है। चूड़ेश्वर सेवा समिति की ओर से हर साल चूड़धार पहुंचने वाले यात्रियों के लिए लंगर की व्यवस्था की जाती है। मंदिर कमेटी के चेयरमैन और चौपाल के चौपाल हेम चंद वर्मा ने बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद हर वर्ष की भांति इस साल भी मई माह से चूड़धार में कमेटी की कैंटीन शुरू कर उसमें यात्रियों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन