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Rampur Bushahar News: रोहड़ू मेले में गुच्छी का कारोबार मंदा, न गुणवत्ता अच्छी, दाम भी कम
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पांच से छह हजार रुपये प्रति किलो तक कीमत
कम बर्फबारी और बारिश से उत्पादन पर पड़ा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में इस बार गुच्छी का कारोबार मंदा नजर आ रहा है। जहां पिछले वर्षों में गुच्छी की अच्छी आवक और ऊंचे दामों के कारण बाजार में खासा उत्साह था, वहीं इस बार स्थिति काफी बदली हुई दिखाई दे रही है। न तो बाजार में पर्याप्त मात्रा में अच्छी गुणवत्ता की गुच्छी उपलब्ध है और न ही कीमतें अपेक्षित मिल रही हैं।
व्यापारियों के अनुसार इस बार गुच्छी की अधिकतम कीमत पांच से छह हजार रुपये प्रति किलो तक सीमित है, जबकि बीते वर्षों में यही कीमत आठ से 15 हजार रुपये प्रति किलो तक थी। उनका कहना है कि मौसम की अनिश्चितता, सर्दियों में कम बर्फबारी और समय पर बारिश न होने के कारण जंगलों में गुच्छी का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
खरीदारों का भी कहना है कि इस बार बाजार में उपलब्ध गुच्छी की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। कई लोगों ने बताया कि गुच्छी का आकार और गुणवत्ता दोनों कमजोर हैं, ऐसे में ऊंची कीमत चुकाने के बावजूद उन्हें अच्छा उत्पाद नहीं मिल पा रहा है। खरीदार प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वे हर साल रोहड़ू मेले से गुच्छी खरीदते हैं, लेकिन इस बार गुणवत्ता काफी कमजोर है, जबकि कीमतों में भी अपेक्षित गिरावट नहीं आई है।
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कुछ व्यापारियों का कहना है कि कम आपूर्ति के कारण दाम स्थिर बने हुए हैं, लेकिन बड़े स्तर पर कारोबार नहीं हो पा रहा। मेले में पहुंचे बाहरी व्यापारियों ने भी माना कि इस बार गुच्छी का व्यापार उम्मीद के अनुरूप नहीं चल रहा है।
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कम बर्फबारी और बारिश से उत्पादन पर पड़ा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राज्य स्तरीय रोहड़ू मेले में इस बार गुच्छी का कारोबार मंदा नजर आ रहा है। जहां पिछले वर्षों में गुच्छी की अच्छी आवक और ऊंचे दामों के कारण बाजार में खासा उत्साह था, वहीं इस बार स्थिति काफी बदली हुई दिखाई दे रही है। न तो बाजार में पर्याप्त मात्रा में अच्छी गुणवत्ता की गुच्छी उपलब्ध है और न ही कीमतें अपेक्षित मिल रही हैं।
व्यापारियों के अनुसार इस बार गुच्छी की अधिकतम कीमत पांच से छह हजार रुपये प्रति किलो तक सीमित है, जबकि बीते वर्षों में यही कीमत आठ से 15 हजार रुपये प्रति किलो तक थी। उनका कहना है कि मौसम की अनिश्चितता, सर्दियों में कम बर्फबारी और समय पर बारिश न होने के कारण जंगलों में गुच्छी का उत्पादन प्रभावित हुआ है।
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खरीदारों का भी कहना है कि इस बार बाजार में उपलब्ध गुच्छी की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। कई लोगों ने बताया कि गुच्छी का आकार और गुणवत्ता दोनों कमजोर हैं, ऐसे में ऊंची कीमत चुकाने के बावजूद उन्हें अच्छा उत्पाद नहीं मिल पा रहा है। खरीदार प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वे हर साल रोहड़ू मेले से गुच्छी खरीदते हैं, लेकिन इस बार गुणवत्ता काफी कमजोर है, जबकि कीमतों में भी अपेक्षित गिरावट नहीं आई है।
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कुछ व्यापारियों का कहना है कि कम आपूर्ति के कारण दाम स्थिर बने हुए हैं, लेकिन बड़े स्तर पर कारोबार नहीं हो पा रहा। मेले में पहुंचे बाहरी व्यापारियों ने भी माना कि इस बार गुच्छी का व्यापार उम्मीद के अनुरूप नहीं चल रहा है।