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कटौती और कर्ज का दस्तावेज बनकर रह गया बजट : राकेश डोगरा
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आर्थिक बदहाली का स्पष्ट प्रमाण प्रदेश सरकार का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। कांग्रेस सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट न केवल निराशाजनक है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक बदहाली का स्पष्ट प्रमाण भी है। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश डोगरा ने कही। डोगरा ने कहा कि यह बजट विकास को गति देने के बजाय हिमाचल को बैक गियर में डालने का कार्य करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट कटौती और कर्ज का दस्तावेज बनकर रह गया है। एक ओर विकास कार्यों में कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है। यह वित्तीय कुप्रबंधन का जीता-जागता उदाहरण है, जो हिमाचल को आर्थिक संकट की गहराई में धकेल रहा है। यह बजट प्रदेश के विकास को रोकने वाला और जनता के विश्वास को तोड़ने वाला है। भाजपा इस जनविरोधी बजट का हर स्तर पर विरोध करेगी और जनता की आवाज को बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने वेतन और भत्तों में कटौती जैसे संकेत देकर कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण को ठेस पहुंचाई है। यह निर्णय न केवल कर्मचारी विरोधी है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी कमजोर करने वाला है। राकेश डोगरा ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान बड़ी-बड़ी गारंटियां देकर प्रदेश की जनता को गुमराह किया, लेकिन बजट में उन गारंटियों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। बजट में न तो युवाओं के लिए रोजगार का कोई ठोस खाका है और न ही महिलाओं व किसानों के लिए किए गए वादों का कोई स्पष्ट प्रावधान है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। कांग्रेस सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट न केवल निराशाजनक है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक बदहाली का स्पष्ट प्रमाण भी है। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश डोगरा ने कही। डोगरा ने कहा कि यह बजट विकास को गति देने के बजाय हिमाचल को बैक गियर में डालने का कार्य करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट कटौती और कर्ज का दस्तावेज बनकर रह गया है। एक ओर विकास कार्यों में कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है। यह वित्तीय कुप्रबंधन का जीता-जागता उदाहरण है, जो हिमाचल को आर्थिक संकट की गहराई में धकेल रहा है। यह बजट प्रदेश के विकास को रोकने वाला और जनता के विश्वास को तोड़ने वाला है। भाजपा इस जनविरोधी बजट का हर स्तर पर विरोध करेगी और जनता की आवाज को बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने वेतन और भत्तों में कटौती जैसे संकेत देकर कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण को ठेस पहुंचाई है। यह निर्णय न केवल कर्मचारी विरोधी है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी कमजोर करने वाला है। राकेश डोगरा ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान बड़ी-बड़ी गारंटियां देकर प्रदेश की जनता को गुमराह किया, लेकिन बजट में उन गारंटियों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। बजट में न तो युवाओं के लिए रोजगार का कोई ठोस खाका है और न ही महिलाओं व किसानों के लिए किए गए वादों का कोई स्पष्ट प्रावधान है।