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सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही : संघ
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रोहडू में स्थापना दिवस मनाते भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संघ
रोहड़ू में बीएमएस का 72वां स्थापना दिवस, कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने अपना 72वां स्थापना दिवस विश्राम गृह रोहड़ू में मनाया। इस अवसर पर संगठन ने कर्मचारियों और पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश संगठन मंत्री बृज लाल शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों से मेडिकल बिलों का भुगतान लंबित है, जिससे इलाज कराने में कठिनाई हो रही है। खराब मौसम और रास्ते बाधित होने के बावजूद बड़ी संख्या में पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता रोहड़ू इकाई के सचिव रूप लाल शर्मा ने की। मुख्य वक्ता विपिन कुमार डोगरा ने कहा कि बीएमएस की स्थापना वर्ष 1955 में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने की थी। उन्होंने बताया कि बीएमएस आज विश्व का सबसे बड़ा ट्रेड यूनियन संगठन है और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रोहड़ू इकाई के सचिव रूप लाल शर्मा ने स्थानीय स्तर पर कई मांगें उठाईं। इनमें मल्टी टास्क वर्कर्स, मल्टी पर्पज वर्कर्स, पैरा पंप ऑपरेटर और पैरा फिटर का नियमितीकरण शामिल है। आशा वर्कर, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन की मांग की गई। सिलाई अध्यापिकाओं और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी जोर दिया गया। दैनिक भोगियों के नियमितीकरण और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग भी प्रमुख रही। कार्यक्रम में परिवहन निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों के मुद्दे भी उठाए गए। संगठन ने उनके लिए समय पर वेतन और पेंशन देने की मांग की। यह मांग सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखी गई। बीएमएस असंगठित और छोटे कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने अपना 72वां स्थापना दिवस विश्राम गृह रोहड़ू में मनाया। इस अवसर पर संगठन ने कर्मचारियों और पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश संगठन मंत्री बृज लाल शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों से मेडिकल बिलों का भुगतान लंबित है, जिससे इलाज कराने में कठिनाई हो रही है। खराब मौसम और रास्ते बाधित होने के बावजूद बड़ी संख्या में पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता रोहड़ू इकाई के सचिव रूप लाल शर्मा ने की। मुख्य वक्ता विपिन कुमार डोगरा ने कहा कि बीएमएस की स्थापना वर्ष 1955 में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने की थी। उन्होंने बताया कि बीएमएस आज विश्व का सबसे बड़ा ट्रेड यूनियन संगठन है और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रोहड़ू इकाई के सचिव रूप लाल शर्मा ने स्थानीय स्तर पर कई मांगें उठाईं। इनमें मल्टी टास्क वर्कर्स, मल्टी पर्पज वर्कर्स, पैरा पंप ऑपरेटर और पैरा फिटर का नियमितीकरण शामिल है। आशा वर्कर, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन की मांग की गई। सिलाई अध्यापिकाओं और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी जोर दिया गया। दैनिक भोगियों के नियमितीकरण और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग भी प्रमुख रही। कार्यक्रम में परिवहन निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों के मुद्दे भी उठाए गए। संगठन ने उनके लिए समय पर वेतन और पेंशन देने की मांग की। यह मांग सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखी गई। बीएमएस असंगठित और छोटे कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत है।

रोहडू में स्थापना दिवस मनाते भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संघ