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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   The authority delivered its verdict in the matter concerning land acquisition for the Luhri Project

Rampur Bushahar News: मुआवजे में वृद्धि की याचिका खारिज, 5.50 लाख का भुगतान पर्याप्त

Wed, 26 Aug 2026 11:52 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:52 PM IST
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लूहरी परियोजना चरण-एक के भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले में प्राधिकरण ने सुनाया फैसला
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कुल्लू जिले के खताल गांव के दो व्यक्तियों की दायर की थी याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
लूहरी जलविद्युत परियोजना चरण-एक के भूमि अधिग्रहण से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन प्राधिकरण ने मुआवजे में वृद्धि की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कुल्लू जिले के खताल गांव के दो व्यक्तियों ने यह याचिका दायर की थी। प्राधिकरण ने पाया कि याचिकाकर्ताओं को पहले ही पांच लाख रुपये की एकमुश्त वार्षिकी और 50 हजार रुपये का विस्थापन भत्ता मिल चुका है, जो पर्याप्त है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि 18 अप्रैल 2022 को पारित पुरस्कार में उन्हें अपर्याप्त मुआवजा मिला है। उन्होंने मूल्य सूचकांक में वृद्धि का हवाला देते हुए मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार से संबंधित 16 अगस्त 2024 की राज्य सरकार की अधिसूचना का भी उल्लेख किया। प्रतिवादियों, जिनमें सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड भी शामिल है, ने याचिका का विरोध किया।
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उनके अधिवक्ता ने कहा कि पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आर एंड आर) योजना प्रभावित परिवारों के परामर्श से तैयार की गई थी। प्रतिवादियों ने तर्क दिया कि 5.50 लाख रुपये का पूरा भुगतान प्राप्त करने के बाद याचिकाकर्ताओं के पास याचिका दायर करने का कोई आधार नहीं है। प्राधिकरण ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिकॉर्ड की जांच की। याचिकाकर्ताओं ने अपनी गवाही में स्वीकार किया कि उन्हें पांच लाख रुपये की एकमुश्त वार्षिकी और 50 हजार रुपये का विस्थापन भत्ता मिल चुका है। उनके अधिवक्ता ने कहा कि 2013 के अधिनियम के बाद मूल्य वृद्धि को ध्यान में रखा जाना चाहिए। हालांकि, प्रतिवादियों ने जोर दिया कि आर एंड आर नीति को सार्वजनिक सुनवाई के बाद अंतिम रूप दिया गया था। प्रभावित परिवारों को नौकरी या एकमुश्त भुगतान का विकल्प दिया गया था। प्राधिकरण ने पाया कि कांगड़ा हवाई अड्डे से संबंधित 16 अगस्त 2024 की अधिसूचना इस मामले पर लागू नहीं होती है। यह अधिसूचना पूर्वव्यापी प्रभाव वाली नहीं है, जबकि लूहरी परियोजना के लिए प्रारंभिक अधिसूचना 30 सितंबर 2021 को जारी की गई थी। प्राधिकरण ने यह भी नोट किया कि याचिकाकर्ताओं ने आर एंड आर योजना के संबंध में कोई आपत्ति नहीं उठाई थी। ऐसे में प्राधिकरण ने मुआवजे में वृद्धि की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
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