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Rampur Bushahar News: बैसाख पर बुरांस के फूल मालाओं से सजे मंदिर
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बैसाख संक्रांति पर रोहड़ू क्षेत्र के मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू क्षेत्र में मंगलवार को बैसाख पर्व मनाया गया। क्षेत्र के प्रमुख मंदिर बुरांस की फूल मालाओं से सज गए। रोहड़ू के शिव शक्ति धाम मंदिर, दुर्गा माता मंदिर हाटकोटी, शराचली क्षेत्र के देवता क्यालू महाराज, देवता बनाड, देवता देशनोलिया समेत महासू मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह के समय मंदिरों में विशेष रूप से बुरांस के फूलों की मालाएं चढ़ाई गईं। इन फूलों को स्थानीय आस्था और प्रकृति से जुड़ी परंपरा का प्रतीक माना जाता है। इन फूलों से मंदिर परिसर सुगंधित और आकर्षक बना रहा, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कई स्थानों पर पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों के साथ धार्मिक माहौल और भी भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन मंदिरों में रहकर पूजा-अर्चना के साथ भक्ति रस का आनंद लिया। शिव शक्ति धाम मंदिर में इस अवसर पर विशेष आयोजन देखने को मिला। मंदिर कमेटी के प्रधान संजय सूद ने बताया कि बैसाख में 43वां भंडारा लगाया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा नवग्रह मंदिर में भी धर्म ध्वजारोहण किया गया। मंदिर में स्थापित सभी मूर्तियों का विशेष शृंगार किया गया, जिससे मंदिर की भव्यता और भी बढ़ गई।
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भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू क्षेत्र में मंगलवार को बैसाख पर्व मनाया गया। क्षेत्र के प्रमुख मंदिर बुरांस की फूल मालाओं से सज गए। रोहड़ू के शिव शक्ति धाम मंदिर, दुर्गा माता मंदिर हाटकोटी, शराचली क्षेत्र के देवता क्यालू महाराज, देवता बनाड, देवता देशनोलिया समेत महासू मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह के समय मंदिरों में विशेष रूप से बुरांस के फूलों की मालाएं चढ़ाई गईं। इन फूलों को स्थानीय आस्था और प्रकृति से जुड़ी परंपरा का प्रतीक माना जाता है। इन फूलों से मंदिर परिसर सुगंधित और आकर्षक बना रहा, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कई स्थानों पर पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों के साथ धार्मिक माहौल और भी भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन मंदिरों में रहकर पूजा-अर्चना के साथ भक्ति रस का आनंद लिया। शिव शक्ति धाम मंदिर में इस अवसर पर विशेष आयोजन देखने को मिला। मंदिर कमेटी के प्रधान संजय सूद ने बताया कि बैसाख में 43वां भंडारा लगाया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा नवग्रह मंदिर में भी धर्म ध्वजारोहण किया गया। मंदिर में स्थापित सभी मूर्तियों का विशेष शृंगार किया गया, जिससे मंदिर की भव्यता और भी बढ़ गई।