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रामपुर में टीबी के चार लोगों की पहचान
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टीबी फ्रि इंडिया अभियान को लेकर एसडीएम कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता करते एसडीएम सुरेंद्र मोह?
- फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। रामपुर में टीबी मुक्त अभियान को लेकर करीब 282 गांवों में टीबी मरीजों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। एसएनसी सर्वे के अनुसार उपमंडल रामपुर में 21 फरवरी से लेकर 14 मार्च 2022 तक लोगों की जांच की गई। इसमें 983 लोगों की स्क्रीनिंग करने के बाद अभी तक चार टीबी के मरीज पाए गए हैं। यह बात एसडीएम रामपुर के सभागार में मंगलवार को टीबी मुक्त हिमाचल प्रदेश 2024 को लेकर एसडीएम सुरेंद्र मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में बीएमओ ने रखी।
बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी रामपुर डॉ. आरके नेगी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने बैठक के दौरान टीबी मुक्त अभियान को लेकर एसडीएम के समक्ष विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2024 तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। रामपुर उपमंडल में टीबी की जांच करने के लिए आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र से सैंपल एकत्रित करने के लिए लाने की डूयटी दी है। इसके बाद सैंपल को नजदीकी पीएसचसी और सीएचसी में जमा करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी जांच के लिए जाने वाले सभी आशा वर्कर्स और स्वास्थ्य कर्मचारियों को हर किलोमीटर के हिसाब से किराया भी दिया जाएगा।
इसके अलावा जो टीबी के मरीज निजी क्लीनिक में एक्सरे, सीटी स्कैन और एमआरआई करवाते हैं, उन्हें महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल से स्वीकृति रेट के अनुसार पूरा खर्चा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामान्य टीबी मरीज को 500 रुपये प्रति माह और गंभीर रूप मरीज को 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे। यह राशि बैंक खातों में आएगी।
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बैठक की अध्यक्षता करते एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने कहा कि रामपुर उपमंडल में टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर पंचायत घर, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में टीबी से संबंधित जानकारी और रोकथाम को लेकर पोस्टर के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास करें ताकि टीबी मुक्त अभियान सफल हो सके। बैठक डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर, उपमंडल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी दिनेश कुमार, बीईईओ रामपुर हेमलता, मदन चंद्रप्रभा, ओंकार सिंह, घनश्याम, राजू वर्मा और रजनीश सूद सहित अन्य मौजूद रहे।
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बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी रामपुर डॉ. आरके नेगी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने बैठक के दौरान टीबी मुक्त अभियान को लेकर एसडीएम के समक्ष विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2024 तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। रामपुर उपमंडल में टीबी की जांच करने के लिए आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र से सैंपल एकत्रित करने के लिए लाने की डूयटी दी है। इसके बाद सैंपल को नजदीकी पीएसचसी और सीएचसी में जमा करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी जांच के लिए जाने वाले सभी आशा वर्कर्स और स्वास्थ्य कर्मचारियों को हर किलोमीटर के हिसाब से किराया भी दिया जाएगा।
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इसके अलावा जो टीबी के मरीज निजी क्लीनिक में एक्सरे, सीटी स्कैन और एमआरआई करवाते हैं, उन्हें महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल से स्वीकृति रेट के अनुसार पूरा खर्चा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामान्य टीबी मरीज को 500 रुपये प्रति माह और गंभीर रूप मरीज को 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे। यह राशि बैंक खातों में आएगी।
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बैठक की अध्यक्षता करते एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने कहा कि रामपुर उपमंडल में टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर पंचायत घर, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में टीबी से संबंधित जानकारी और रोकथाम को लेकर पोस्टर के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास करें ताकि टीबी मुक्त अभियान सफल हो सके। बैठक डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर, उपमंडल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी दिनेश कुमार, बीईईओ रामपुर हेमलता, मदन चंद्रप्रभा, ओंकार सिंह, घनश्याम, राजू वर्मा और रजनीश सूद सहित अन्य मौजूद रहे।