{"_id":"69999dea4e0876126e0aaa69","slug":"t-is-unfortunate-that-the-historic-girls-school-in-jubbal-has-been-closed-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1035-154644-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुब्बल के ऐतिहासिक कन्या विद्यालय को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण : मीनाक्षी मांटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुब्बल के ऐतिहासिक कन्या विद्यालय को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण : मीनाक्षी मांटा
विज्ञापन
ऐतिहासिक कन्या विद्यालय
कहा, बेटियों की शिक्षा के लिए शुरू किए गए कन्या स्कूलों को ही किया जा रहा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। जुब्बल मंडल भाजपा की अध्यक्ष मीनाक्षी मांटा ने प्रदेश सरकार की ओर से जुब्बल के ऐतिहासिक कन्या विद्यालय को बंद करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बेटियों की शिक्षा और क्षेत्र की भावनाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि यह विद्यालय केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि जुब्बल की पहचान और नारी सशक्तीकरण का प्रतीक रहा है। आजादी से पहले जुब्बल रियासत के शासकों ने बेटियों की शिक्षा के लिए अलग कन्या विद्यालय की शुरुआत की थी। वर्ष 1954 में इसे प्राथमिक विद्यालय बनाया गया। इसके बाद 1964 में माध्यमिक, 1968 में उच्च विद्यालय और 1986 के बाद इसे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय के रूप में उन्नत किया गया। उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उसकी मजबूती में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के दादा स्वर्गीय ठाकुर राम लाल का भी योगदान रहा था। ऐसे में इस फैसले से लोगों में नाराजगी है। भाजपा मंडल जुब्बल ने सरकार से मांग की है कि कन्या विद्यालय के विलय का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। स्कूल में शिक्षकों और सुविधाओं की कमी दूर की जाए और बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो भाजपा मंडल जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। जुब्बल मंडल भाजपा की अध्यक्ष मीनाक्षी मांटा ने प्रदेश सरकार की ओर से जुब्बल के ऐतिहासिक कन्या विद्यालय को बंद करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बेटियों की शिक्षा और क्षेत्र की भावनाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि यह विद्यालय केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि जुब्बल की पहचान और नारी सशक्तीकरण का प्रतीक रहा है। आजादी से पहले जुब्बल रियासत के शासकों ने बेटियों की शिक्षा के लिए अलग कन्या विद्यालय की शुरुआत की थी। वर्ष 1954 में इसे प्राथमिक विद्यालय बनाया गया। इसके बाद 1964 में माध्यमिक, 1968 में उच्च विद्यालय और 1986 के बाद इसे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय के रूप में उन्नत किया गया। उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उसकी मजबूती में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के दादा स्वर्गीय ठाकुर राम लाल का भी योगदान रहा था। ऐसे में इस फैसले से लोगों में नाराजगी है। भाजपा मंडल जुब्बल ने सरकार से मांग की है कि कन्या विद्यालय के विलय का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। स्कूल में शिक्षकों और सुविधाओं की कमी दूर की जाए और बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो भाजपा मंडल जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।