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Rampur Bushahar News: पीटीए फीस में अनियमितताओं की जांच और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग

Mon, 05 Oct 2026 11:22 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:22 PM IST
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Students' Federation of India (SFI) District Committee, Shimla
ठियोग में प्रेसवार्ता करते एसएफआई पदा​धिकारी। संवाद
10-11 को ठियोग में होगा एसएफआई का 39वां जिला सम्मेलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जिला कमेटी शिमला ने सोमवार को ठियोग में प्रेस वार्ता की। इस दौरान 10 और 11 अक्तूबर को होने वाले एसएफआई के 39वें जिला सम्मेलन की तैयारियों के साथ प्रदेश के शिक्षण संस्थानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। पीटीए फीस में अनियमितताओं की जांच और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाई। सम्मेलन के लिए स्वागत समिति के गठन की घोषणा भी की गई। एसएफआई जिला अध्यक्ष विवेक नेहरा ने प्रदेश सरकार की शिक्षा नीतियों को छात्र विरोधी बताया और पीटीए फीस में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों और महाविद्यालयों में पीटीए फीस के नाम पर विद्यार्थियों से राशि ली जा रही है, लेकिन इसके उपयोग का पारदर्शी ब्यौरा छात्रों और अभिभावकों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। नेहरा ने कहा कि एसएफआई की ओर से संजौली और कोटशेरा महाविद्यालयों में सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में पीटीए फंड और फीस से संबंधित वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। संगठन के अनुसार, वर्ष 2022 में कोटशेरा महाविद्यालय में करीब 20 लाख रुपये तथा वर्ष 2024 में संजौली महाविद्यालय में करीब 22 लाख रुपये पीटीए के नाम पर विद्यार्थियों से लिए गए। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में पीटीए फंड की जांच करने और छात्रों से कथित अवैध वसूली बंद करने की मांग की।
छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग
एसएफआई ने प्रदेश में छात्र संघ चुनावों पर जारी रोक का भी विरोध किया। नेहरा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव बंद होने से विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हुए हैं। छात्र संघ लंबे समय से विद्यार्थियों की समस्याओं और मांगों को प्रशासन व सरकार तक पहुंचाने का मंच रहा है। उन्होंने छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करने की मांग की।
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विद्यार्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा की मांग
प्रेस वार्ता में शिमला में बढ़ती यातायात समस्या का मुद्दा भी उठाया गया। एसएफआई ने कहा कि जाम के कारण विद्यार्थियों को स्कूल और महाविद्यालय पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उनके शिक्षण संस्थानों से 25 किलोमीटर के दायरे तक मुफ्त बस सेवा शुरू करने की मांग की।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर सवाल
एसएफआई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर भी प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि इसके चलते सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा सरकारी स्कूलों और महाविद्यालयों को बंद या विलय किया जा रहा है। इससे गरीब और आम परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की बात एसएफआई ने कही। संगठन ने कहा कि 10 और 11 अक्तूबर को ठियोग में होने वाला 39वां जिला सम्मेलन शिक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्र राजनीति की आगामी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सम्मेलन में सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।
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