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Snowfall In HP: किन्नौर के ऊंचे इलाकों में बर्फ'भा'री, करोड़ों के सेब पर मंडराया खतरा
Wed, 01 May 2024 07:00 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सांगला (किन्नौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, सांगला (किन्नौर)
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 01 May 2024 07:00 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। ऐसे में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। चिंता का विषय ये है कि बर्फबारी के कारण किन्नौर जिले में सेब की करोड़ों की फसल पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है।
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विस्तार
मौसम के बिगड़े मिजाज के बाद किन्नौर जिले में सेब की करोड़ों की फसल पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। जिले में बुधवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। हिमपात होने से जिले के बागवानों की धुकधुकी बढ़ गई है और नकदी फसलें प्रभावित होने का डर सताने लगा है।
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गौर हो कि इन दिनों जिले के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की फ्लावारिंग का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सेब की अच्छी फसल के लिए तापमान का अनुकूल होना अति आवश्यक है। तापमान सामान्य रहने की स्थिति में ही फूलों की बेहतर सेटिंग होती है और अच्छी फसल का उत्पादन होता है, लेकिन शुरुआती स्टेज में ही ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात होने से बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
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बुधवार दोपहर बाद छितकुल, रक्षम, बटसेरी, सांगला, कुप्पा, लिप्पा, आसरंग, हांगो, चुलिंग, नेसंग, सुमरा, कुन्नौचारंग और शलखर में बर्फबारी शुरू हुई। इसके कारण जिले में नकदी फसलें सेब, चुल्ली, बेमी, खुमानी और बादाम फसलें प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। बागवानों को नकदी फसलें बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। दीपक, राजेश, राकेश, मनोज, यतेंद्र सिंह, महेंद्र, कुलदीप, सनम तेंजिन, सांबा दोर्जें, राजकमल, प्रमोद नेगी और अनिल नेगी ने कहा कि यदि अधिक बर्फबारी होती है तो फसलें प्रभावित होने का डर है।